इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस से नपेंगे शातिर

धर्मशाला में हाई कोर्ट के न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी ने दिए टिप्स

धर्मशाला –इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस अब आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके लिए न्यायालय सहित पुलिस विभाग व अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने भी अलर्ट होकर तैयारियां करना शुरू कर दी हैं। इलेक्ट्रॉनिक एविडेंसेस को इकट्ठा करने व उन एविडेंसेस को संभालने के साथ किस तरह से कोर्ट में पेश करना है, इसकी पूरी जानकारी प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी ने दी। जिला मुख्यालय धर्मशाला स्थित रिजनल फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी नॉर्दर्न रेंज की ओर से ‘डिजिटल एविडेंसेस में उभरती प्रवृत्तियां’ विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। सेमिनार में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी ने कहा कि यह सेमिनार जांचकताओर्ं और प्रोसिक्यूटर के लिए काफी फायदेमंद रहने वाला है।  इससे वे यह समझ पाएंगे कि कम्प्यूटर और मोबाइल फोन में किस तरह डाटा कलेक्ट करना है तथा क्या एहतियात बरतनी जरूरी हैं। जांचकताओर्ं और प्रोसिक्यूटर को एक नोट बनाना चाहिए और उस पर अमल करना चाहिए। संचार क्रांति में डिजिटल एविडेंस की महत्ता बढ़ी है। इलेक्ट्रॉनिकली काम हो रहा है, डिजिटलाइजेशन हो रही है, आईटी सेक्टर में हमारी टेक्नोलॉजी काफी एडवांस हो गई है। इस मौके पर केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय से डा. ओमवीर सिंह और सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट और साइबर लॉस डॉट नेट के अध्यक्ष डा. पवन दुग्गल, निदेशक फोरेंसिक सर्विस डा. अरुण शर्मा, निदेशक फोरेंसिक साइंटिस्ट साइबर सिक्योरिटी ओमवीर सिंह, उपनिदेशक नॉर्दर्न रेंज फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी डा. मीनाक्षी महाजन, पुलिस टे्रनिंग कालेज डरोह के प्रधानाचार्य डा. अतुल फुलझेले व एडवोकेट जनरल अशोक शर्मा उपस्थित रहे।

 

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