कांगड़ा को जहां होना चाहिए, वहां नहीं है

अपनी साफगोई के लिए चर्चित रहे कांगड़ा-चंबा के सांसद किशन कपूर नए मुद्दों के साथ हाजिर हैं। वह तुलानात्मक दृष्टि से कांगड़ा को बुरी तरह पिछड़ते देखकर आहत हैं। बढ़ती सीमेंट की कीमतों पर वह अपना उदाहरण देकर समझाते हैं कि किस तरह बतौर उद्योग मंत्री उन्होंने पच्चीस रुपए तक दाम घटाए थे। वह बतौर खाद्य मंत्री दाल व तेल के दाम नियंत्रित करने से किस तरह सौ करोड़ की बचत कर पाए या सियासत के बीच खुद को पाक-साफ रखते रहे, इसका पूरा ब्यौरा वह ‘दिव्य हिमाचल टीवी’ के साथ जाहिर करते हैं। गगल एयरपोर्ट विस्तार के समर्थन तथा प्रस्तावित फोरलेन निर्माण पर सांसद किशन कपूर ने समाचार संपादक संजय अवस्थी व डिप्टी न्यूज एडिटर अनिल अग्निहोत्री से बेबाकी से लंबी बातचीत की…

दिव्य हिमाचल : सियासत में अपनी लंबी पारी के दौरान आप मंत्री के बाद अब सांसद बने हैं, कैसा महसूस कर रहे हैं?

किशन कपूर : हर स्थान और पद का अनुभव अलग होता है। पांच बार विधायक और तीन बार प्रदेश में मंत्री रहा। अब मेरे संसदीय क्षेत्र के लोगों ने मुझे रिकार्ड मतों से सांसद बनाया है, तो मैं इसके लिए धन्यवादी हूं।

दिव्य हिमाचल : वर्तमान में अपने संसदीय क्षेत्र या हिमाचल के लिए आपकी प्राथमिकताएं क्या हैं?

किशन कपूर : सबसे पहले तो गगल एयरपोर्ट का विकास आवश्यक है। कांगड़ा और चंबा जिला प्राकृतिक रूप से अति आकर्षक हैं, इसलिए यहां बड़ी मात्रा में सैलानी आते हैं। प्रयास है कि हवाई अड्डे के विस्तार के बाद यहां लगभग दस लाख यात्री पहुंचें। बड़े विमान यहां उतरेंगे, तो जाहिर है कि पर्यटक भी ज्यादा आएंगे। मैंने एयरपोर्ट अथॉरिटी से कहा था कि पट्टी को इतना लंबा किया जाए कि यहां बड़े प्लेन उतरें।

दिव्य हिमाचल : इसका अर्थ यह है कि हवाई अड्डे के विस्तार का आइडिया दरअसल आपका है?

किशन कपूर : प्रदेश और केंद्र सरकार का भी मानना था कि यह हो, लेकिन इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए, क्योंकि यह विकास से जुड़ा मामला है।

दिव्य हिमाचल :  लंबे समय के बाद कांगड़ा राजनीतिक रूप से असंतुष्ट दिख रहा है। आपको क्या लगता है?

किशन कपूर : कांगड़ा आरंभ से ही पुराने जिलों से पिछड़ गया है विकास के नजरिए से। कभी नंबर वन आंका जाता था, आज ऐसा नहीं है।

दिव्य हिमाचल :  क्या राजनीतिक प्रतिनिधित्व के नजरिए से भी ऐसा है?

किशन कपूर : चाहे राजनीतिक भी समझ लीजिए, पर यह सच्चाई है और पीड़ा हमें भी होती है।

दिव्य हिमाचल : क्या आपको नहीं लगता कि कांगड़ा जिला नेतृत्वविहीन हो गया है?

किशन कपूर : मैं विकास की दृष्टि से बात कर रहा हूं कि जहां इसे होना चाहिए, वहां नहीं है अभी।

दिव्य हिमाचल :  आपके मंत्री पद छोड़ने के बाद ऐसा क्यों है कि राशन, तेल या अन्य सामग्री डिपुओं में महंगे दामों पर मिल रही है? जनता क्या चाहेगी नहीं कि कुछ कदम उठाए जाएं?

किशन कपूर : जनता जब तकलीफ महससू करती है, तो जरूर बोलती है। पहले राशन की सप्लाई बढि़या थी और कीमत भी कम थी। अब जनता तो बोलेगी ही। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। देखना चाहिए कि लोगों की तकलीफ क्या है। क्योंकि हम जनता के लिए हैं। हमें जनता यहां तक पहुंचाया है, इसलिए हमें उसका दर्द समझना चाहिए।

दिव्य हिमाचल : आपने सीमेंट सस्ता करवाया, पर अब तो यह आए रोज महंगा हो रहा है। सीमेंट हिमाचल में बन रहा है, पर बाकी प्रदेशों में कहीं सस्ता है। ऐसा क्यों हो रहा है?

किशन कपूर : यह तो मैं नहीं जानता, पर इच्छाशकित हो, तो कुछ भी हो सकता है।

दिव्य हिमाचल : क्या हिमाचल में भाजपा की सियासत में कोई मनमुटाव है?

किशन कपूर : देखिए, मैं केंद्रीय राजनीति में चला गया हूं, इसलिए हिमाचल की सियासत से वास्ता वैसा नहीं। लेकिन, मनमुटाव तो पति-पत्नी में भी होता है। जब ऐसा हो, बातें बैठक सुलझा ली जाती हैं। यह घर के मुखिया पर है कि कैसे इसका निवारण करना है।

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