खुली मिठाइयों पर भी दिखेगी एक्सपायरी डेट

सोलन – देशभर में बिकने वाले दूध से बने खाद्य प्रदार्थ व खुली मिठाइयों पर निर्माण और उपयोग की तारीख लिखना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा व मानक प्राधिकरण ने नए नियम तैयार कर दिए हैं। ये नियम पहली जून से प्रभावी हो जाएंगे। इनके अनुसार देशभर में दूध से बने खाद्य प्रदार्थों और खुली मिठाइयों को डिस्प्ले करने के साथ ही निर्माण की तारीख और उपयोग की अवधि भी दर्शानी होगी। यदि कोई नियम का पालना नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। साथ ही दो लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान भी रखा गया है। इस नियम के बारे में देश भर में मिठाई कारोबारियों को बताया जा रहा है। अकसर देखा जाता है कि कई मिठाइयां देखने में अच्छी लगती हैं, लेकिन इन मिठाइयों को देख ग्राहक धोखा खा जाते हैं और उन्हें पता नहीं होता कि यह मिठाई कब बनी है और यह खराब कब तक होगी। इसको देखते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण द्वारा नए नियम बनाए गए हैं। गौरतलब हो कि खाद्य सुरक्षा और मानक (पैकेजिंग और लेबलिंग) विनियम, 2011 के अनुसार यह नियम पहले सिर्फ पैक्ड मिठाइयों पर ही लागू होता था। अब इस मानदंड को खुली मिठाइयों के लिए भी अनिवार्य किया जा रहा है।

मिठाइयों की लाइफ शेल्फ तैयार

देश भर में बिकने वाली मिठाइयों की लाइफ शेल्फ तैयार कर ली गई है। इस लाइफ शेल्फ में एक से लेकर 30 दिन तक कि समयावधि में मिठाइयों को रखा गया है कि बनाई गई मिठाई कितने दिन में एक्सपायरी होगी। किसी भी मिठाई की दुकान में कम से कम 200 से ज्यादा मिठाई की वैरायटी होती है। इन मिठाइयों को वेरी शॉर्ट लाइफ (जिस दिन निर्माण की गई, उसी दिन एक्सपायरी होना), शार्ट लाइफ (तैयार करने के दो दिन बाद एक्सपायरी होना), मीडियम लाइफ ( तैयार करने के चार दिन बाद एक्सपायरी होना), लांग लाइफ (तैयार करने के सात दिन बाद एक्सपायरी होना), वेरी लांग लाइफ (तैयार करने के 30 दिन बाद एक्सपायरी होना) श्रेणी बनाई गई है।

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