चीनी मिल का घेराव 19 फरवरी को

जालंधर के गन्ना किसानों ने फसल बकाया राशि को लेकर किया ऐलान

जालंधर – पंजाब में जिला जालंधर के गन्ना किसानों ने अपनी फसल की बकाया राशि को लेकर 19 फरवरी को भोगपुर चीनी मिल का घेराव करने का ऐलान किया है। विधायक पवन कुमार टीनू सहित विभिन्न गन्ना किसानों ने बुधवार को संयुक्त प्रेसवार्ता में कहा कि पंजाब की सरकारी तथा निजी चीनी मिलें सरकार के वादे अनुसार किसानों की बकाया राशि का भुगतान नहीं कर रही है। उन्होंने बताया कि जिले  के किसानों का लगभग 300 करोड़ रुपये निजी तथा सरकारी मिलों पर लंबित है जिसमें साल 2018-19 के लिए साढ़े 22 करोड़ रुपये तथा साल 2019-20 का लगभग 15 करोड़ 50 लाख रुपये की बकाया राशि भी शामिल है। विधायक टीनू ने बताया कि पंजाब सरकार 1961 में शुगर कंट्रोल बोर्ड द्वारा बनाए गए नियम को लागू नहीं कर रही है। इस नियम अनुसार गन्ना किसानों को 14 दिनों के भीतर उनकी फसल की अदायगी करनी होती है। ऐसा करने में असफल रहने पर किसानों को ब्याज देना पड़ता है। उन्होंने कहा कि  किसानों को बकाया भुगतान करने की बजाए सरकार किसानों को नई फसल की बुवाई के लिए पांच फीसदी ब्याज दर पर कर्ज दे रही है जोकि अनुचित है। उन्होंने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह से मांग की है कि अपने वादे अनुसार किसानों के पूरे कर्ज माफ किए जाएं। श्री टीनू ने भोगपुर चीनी मिल में लगाए गए नये संयंत्र का परीक्षण जल्दी करवाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2019 में परिक्षण किया जाना था लेकिन अभी तक यह परीक्षण नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में गन्ना की कीमत सभी राज्यों से कम दी जा रही है। किसानों ने मांग की है कि उन्हें हरियाणा के बराबर गन्ने की कीमत दी जाए। श्री टीनू ने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो शिरोमणि अकाली दल किसान संगठनों द्वारा 19 फरवरी को दिए जा रहे धरने का समर्थन करेगा। तत्पश्चात अन्य चीनी मिलों का भी घेराव करने का क्रम शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वे 20 फरवरी को शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में भी इस मुद्दे को उठाएंगे।

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