जयराम सरकार की उपलब्धियों के डेढ़ सौ पन्ने पढ़ेंगे राज्यपाल 

शिमला – जयराम सरकार की सवा दो साल की उपलब्धियों के लिए करीब डेढ़ सौ पन्नों का खाका तैयार हो रहा है। करीब तीन से चार घंटे की इस स्पीच के साथ राज्यपाल के अभिभाषण से बजट सत्र का आगाज होगा। अहम है कि राज्यपाल के अभिभाषण को 17 फरवरी को प्रस्तावित कैबिनेट की बैठक में लाया जाएगा। इस दौरान राज्यपाल के अभिभाषण को फाइनल किया जाएगा। इसके चलते 25 फरवरी को शुरू हो रहे हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र की तैयारियों में पूरी अफसरशाही जी-जान से जुटी है। बजट के अलावा विधानसभा से जुडे़ दूसरे अहम पहलुओं पर भी सरकारी अमला भरपूर कसरत कर रहा है। सूचना है कि इस कड़ी में 150 पन्नों पर आधारित राज्यपाल का अभिभाषण तैयार किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि इस बार बजट सत्र कई मायनों में अहम है। राज्यपाल के अभिभाषण के अगले ही दिन 26 फरवरी को हिमाचल विधानसभा के स्पीकर का चुनाव होगा। इसके बाद बजट सत्र विधिवत रूप से आरंभ होगा। उल्लेखनीय है कि  25 फरवरी को शुरू हो रहा बजट सत्र पहली अप्रैल तक चलेगा। हालांकि इस दौरान 15 मार्च से 22 मार्च के बीच बजट सत्र की ब्रेक रहेगी। कुल 22 बैठकों के इस बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण और मुख्यमंत्री की बजट स्पीच के अलावा विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव पर सबकी नजरें रहेंगी। जाहिर है कि इस सियासी फै सले की चुनावी प्रक्रिया सदन की भीतर महज औपचारिक होगी। सूत्रों का कहना है कि इसके लिए मुख्यमंत्री ने केंद्रीय हाइकमान से चर्चा करनी है। सहमति के आधार पर जयराम सरकार के किसी मंत्री को भी विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी सौंपी जा सकती है। इसके लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डाक्टर राजीव सहजल, शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी तथा शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज के नामों की जबरदस्त चर्चा है। इसके अलावा मंडी जिला के सरकाघाट विस क्षेत्र के विधायक कर्नल इंद्र सिंह भी इस पद के लिए मीडिया की सुर्खियां बने हैं। हालांकि एक ही जिला से सीएम व विधानसभा अध्यक्ष होना क्षेत्रीय समीकरणों को असंतुलित कर सकता है। इस पद कि लिए सिरमौर जिला के पांवटा के विधायक सुखराम चौधरी का नाम भी उभर कर सामने आ रहा है। पार्टी अध्यक्ष व विधानसभा अध्यक्ष यहां भी एक ही जिला से क्षेत्रीय समीकरणों को चुनौती दे सकता है। इस फेहरिस्त में कांगड़ा जिला से ज्वालामुखी के विधायक रमेश धवाला का नाम भी सामने आ रहा है। हालांकि मंत्री पद पर नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया की प्रबल दावेदारी के चलते इसकी संभावना कम दिखती है। चंबा जिला के भटियात के विधायक विक्रम जरियाल के नाम की भी सुगबुगाहट है। हालांकि उपाध्यक्ष इसी जिला से होने के कारण उनका मामला भी क्षेत्रीय संतुलन में बिगड़ रहा है।

 

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