जेब में 500 रुपए से ज्यादा न रखें कर्मी

एसपी ने जारी किए आदेश, नाका-टै्रफिक चैकिंग के दौरान ज्यादा कैश मिलने पर होगी कार्रवाई

बिलासपुर –अपनी अनोखी कार्यप्रणाली के लिए चर्चित एसपी दिवाकर शर्मा ने बुधवार को एक दिलचस्प आदेश जारी किया है। पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए जारी इस नए फरमान के तहत अब नाका व टै्रफिक चैकिंग के दौरान कोई भी पुलिस कर्मी जेब में 500 रुपए से ज्यादा कैश नहीं रख सकेगा। यदि एसपी व एसएचओ के औचक निरीक्षण में किसी भी पुलिस कर्मी की जेब में 500 रुपए से अधिक कैश मिला तो उसके खिलाफ  विभागीय कार्रवाई होगी। यही नहीं, वह पुलिस कर्मी लाइन हाजिर होने के साथ निलबिंत भी हो सकता है। पुलिस अधीक्षक बिलासपुर दिवाकर शर्मा ने बताया कि यह आदेश जिला में पुलिस नाके और ट्रैफिक ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिस कर्मियों पर लागू होगा। अधिकतर पुलिस कर्मी अपनी ड्यूटी बेहद ईमानदारी से निभाते हैं, लेकिन कुछेक कर्मियों की वजह से पूरे महकमे पर अंगुली उठना शुरू हो जाती है। एसपी दिवाकर शर्मा ने कहा कि भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। रोजाना नाका व टै्रफिक चैकिंग में निकले से पहले पुलिस कर्मी अपने पैसों की एंट्री (डेली डायरी) करवाएं। इन आदेशों की अनुपालना हो इसके लिए एसपी खुद औचक निरीक्षण करेंगे। यदि निरीक्षण के दौरान इस नियम का उल्लंघन पाया गया तो दोषी कर्मी के खिलाफ  विभागीय कार्रवाई होगी। बुधवार को एसपी दिवाकर द्वारा जारी इस आदेश में भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस तथा जनता में पुलिस की स्वच्छ छवि बनाए रखने के लिए समस्त प्रभारी पुलिस थाना, चौकी व यातायात इकाई को इसकी पालना करने के लिए कहा गया है। इस आदेश में दो टूक कहा गया है कि हर पुलिस कर्मचारी जब भी थाना, चौकी, जिला यातायात इकाई कार्यालय से नाका व ट्रैफिक चैकिंग के लिए रवाना होता है, तो नाका व टै्रफिक चैकिंग लगाने से पूर्व सूचना जिला कंट्रोल रूम बिलासपुर को देंगे। इसके अलावा पुलिस कर्मचारी जो नाका व ट्रैफिक चैकिंग के लिए जाते हैं, अपने साथ केवल पांच सौ रुपए तक कैश ही लेकर जा सकते हैं। यदि किन्हीं कारणों से उसे 500 रुपए से अधिक कैश लेकर जा रहे हैं, तो उस कैश के बारे में ड्यूटी पर रवाना होने से पूर्व रोजनामचा के उल्लेख किया जाए। यदि नाका की सूचना जिला कंट्रोल रूम को नहीं दी जाती है तथा 500 रुपए से ज्यादा कैश साथ ले जाने के बारे में रोजनामचा का उल्लेख नहीं किया जाता है, तो यह आदेशों की अवहेलना करना मानी जाएगी।

 

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