दम तोड़ रही सिरमौर की खेल प्रतिभा

जिला में विभिन्न खेलों के कोच न होने के कारण पलायन कर रहे हैं खिलाड़ी

नाहन –भारतवर्ष को जानी-मानी हॉकी खिलाड़ी व देश की कई वर्षों तक महिला हॉकी टीम की कैप्टन सीता गुसाई व ओलंपिक पदक विजेता जानेमाने निशानेबाज समरेश जंग जैसे खिलाड़ी देने वाले जिला सिरमौर का खेल विभाग रामभरोसे है जिला सिरमौर के खेल विभाग में अधिकांश कोच के पद रिक्त पड़े हुए हैं। हालत यह है कि वर्तमान में मात्र तीन कोच के सहारे जिला सिरमौर के भविष्य के खिलाडि़यों का भविष्य संवारा जा रहा है। हालत यह है कि मजबूरी में जिला सिरमौर के खिलाड़ी बाहरी राज्यों में पलायन करने को मजबूर हंै। सिरमौर के खेल विभाग में कोच की कमी के कारण पलायन कर चुके जिला के कई खिलाड़ी अन्य  प्रदेशों का मान बढ़ा रहे हंै। सिरमौर में पिछले वर्षों से जहां वालीबाल व क्रिकेट के साथ-साथ बैडमिंटन व खो-खो के कोच नहीं हैं, तो  वहीं हाकी  व कबड्डी का भी कोई कोच नहीं है। खेलों के कोच न होने के कारण खिलाडि़यों में भारी रोष है। बता दें कि नाहन में दो बड़े खेल मैदान हैं, जहां पर कई प्रकार की खेलें खेली जा सकती हैं। इसके अलावा पांवटा साहिब, धौलाकुंआ व तारूवाला स्कूल में भी बड़े-बड़े खेल मैदान हैं, जहां पर विभिन्न खेलों के अच्छे खिलािड़यों को तैयार किया जा सकता है। मगर कोच की कमी के कारण खिलाडि़यों का मनोबल लगातार गिरता ही जा रहा है, जिस कारण युवा अपने खेलों को चुनने में भारी परेशानी हो रही है। गौर हो कि जिला सिरमौर में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत है तो बस अच्छे कोच की, जो इनको निखार सकें। अगर खेलों में नजर दौड़ाई जाए तो जिला सिरमौर के कई खिलाडि़यों ने जिला का नाम प्रदेश के अलावा देश व विदेश में चमका चुके हैं। इनमें मुख्य रूप से हाकी की जानी मानी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सीता गोसाई के अलावा गीता गुसाईं जानेमाने निशानेबाज समरेश जंग कबड्डी की भारतीय महिला टीम की कप्तान प्रियंका नेगी, रितु नेगी के अलावा विभिन्न खेलों में जिला सिरमौर देश को नामी खिलाड़ी दे चुका है। कई वर्षों से जिला सिरमौर वक्त खेल विभाग रामभरोसे चल रहा है। जिला सिरमौर में अगर कोचों की बात की जाए, तो यहां पर हॉकी बैडमिंटन, क्रिकेट, कबड्डी, वालीबाल, एथलेिटक के अलावा खो-खो, रस्साकशी के अलावा कई गेम्स के कोच नहीं हैं, जिस कारण जिला की प्रतिभा दूसरे प्रदेशों में पलायन कर रही है। गौर हो कि कोच की कमी को लेकर डीएसओ कार्यालय से कई लैटर व मांगपत्र प्रदेश सरकार व उच्चाधिकािरयों को भेजे जा चुके हंै, परंतु विभाग व सरकार की ओर से कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हंै। पूर्व खिलाडि़यों का कहना है कि विभाग में कोच न होने के कारण जिला की प्रतिभाएं दम तोड़ रही हैं। कई खिलाड़ी तो मजबूरी में निजी कोच का सहारा लेने को मजबूर हंै। सिरमौर में आयोजित होने वाली सरकारी या निजी खेल प्रतियोगिताओं के लिए प्राइवेट कोच हायर करने पड़ते है। जिला सिरमौर में जब भी स्कूलों के खेल कैलेंडर जारी होते हैं, तो इसमें सबसे बड़ा खतरा कोचों को ढंूढने का होता है, क्योंंिक कई बार कई खेलों के कोच भी नहीं मिलते है। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अगर कोई खेल का कोच नहीं मिलता है, तो उस खेल को ही गायब कर दिया जाता है। ऐसा कई बार हुआ ।

 

 

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