नगर निगम के कब्जे में ग्रीनटेक प्लांट

 चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक में पार्षदों की सहमति के बाद लिया निर्णय

चंडीगढ़ – चंडीगढ़ नगर निगम डडूमाजरा में जयप्रकाश एसोसिएट्स द्वारा चलाए जा रहे ग्रीनटेक सॉलिड वेस्ट मेनेजमेंट प्लांट को अपने कब्जे में लेगा। इसके साथ ही सदन ने वर्ष 2005 में इस संबंध में जेपी एसोसिएटस के साथ हुए करार को भी रद्द कर दिया गया। निगम सदन की मंगलवार को हुई बैठक में पार्षदों की सहमति के बाद यह निर्णय लिया गया। ज्ञात रहे कि गत दिवस इस मामले की नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल  में हुई सुनवाई के दौरान फैसला निगम के हक में आया व शहर में कचरे का निष्पादन न होने की जेपी कम्पनी की दलीलों को खारिज कर दिया गया। उशके बाद कम्पनी के प्रबंधकों की महापौर राजबाला मलिक व निगमायुक्त केके यादव के साथ हुई बैठकों में इस पर चर्चा भी हुई। मंगलवार को सदन की सहमति से लिए गए निर्णय के अनुसार निगम प्लांट प्रबंधकों को सात दिन का नोटिस देकर वहां पडी मशीनरी व अन्य सामान को हटाने के लिए एक माह का नोटिस देगा। निगम प्लांट में हाल ही में स्थापित कंपोस्ट प्लांट को अपने पास ही रखेगा व इसकी स्थापना पर आये खर्च का जायजा लगवा कर वह राशि कंपनी को अदा करेगा।  ज्ञात रहे कि वर्ष 2005 में निगम व जेपी  के बीच हुए करारनामे के अनुसार निगम ने कंपनी को 10 एकड़ बूमि प्लांट स्थापित करने व चलाने के लिए 30 वर्ष की लीस पर दी थी। सोमवार को एनजीटी में हुई सुनवाई के बाद निगम को इस मामले को सुलटाने के लिए एक माह का समय दिया गया था व अगली सुनवाई अप्रैल माह में होगी। कांग्रेस पार्षद दल के नेता दविंदर सिंह बबला ने कहा कि सदन की बैठक के बाद ही जेपी प्लांट पर ताला लगा देना चाहिए। हालांकि यह भी देखना चाहिए कि नगर निगम प्लांट को चलाने के लिए कौन सा मॉडल अपनाएगा।

एक महीने में मशीनरी उठानी होगी

सदन में लिए गए निर्णय के अनुसार कंपनी अगर एक माह में मशीनरी नहीं उठाती है, तो निगम उसे डिस्मेंटल कर बेच देगा। इसमें  प्लांट को प्रदूषण नियंत्रण समिति द्वारा दिए गए 1.46 करोड़ के नोटिस तथा निगम द्वारा करीब पांच करोड़ के दो नोटिस की राशि भी काट कर बाकी की राशि कंपनी को देगा। अगर जुर्माना राशि सालवेज वेल्यू से ज्यादा होती है, तो कंपनी से बकाया मांगा जाएगा। निगम के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि कंपनी की मशीनों व अन्य सामान की साल्वेज वेल्यू पांच करोड़ के लगभग ही बैठेगी व निगम के पास उनकी करीब 2.50 करोड़ की बैंक गारंटी भी है। पूर्व महापौर  देवेश मोदगिल और राजेश कालिया ने सदन में कहा कि अब इस बात पर चर्चा होनी चाहिए कि नगर निगम किस तरह प्लांट चलाएगा।

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