नाहन के रानीताल में डीजे की शिव धुनों पर थिरके युवा

नाहन –शिव और शक्ति के पावन मिलन का प्रतीक महाशिवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर जिला के शिवालयों में श्रद्धालुओं का आस्था  का सैलाब उमड़ पड़ा। महाशिवरात्रि पर इस मर्तबा लगभग 59 वर्षों के बाद स्वार्थ सिद्ध योग बना है, जो कि शिव अराधना के लिए अति उत्तम बताया गया है। इस दौरान प्रातःकाल से ही भगवान शिव की अराधना के लिए श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर शिवलिंग पर जलाभिषेक, बिल्वपत्र, बेर, पंचामृत से अभिषेक किया। जिला सिरमौर के सभी शिवालयों में मंदिर कमेटियों ने इस दौरान शिवरात्रि के पावन अवसर पर भांग का घोटा, फलाहारी प्रसाद का वितरण किया। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर स्वर्ग की दूसरी सीढ़ी पौड़ीवाला में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। बताते हैं कि यहां के शिवलिंग का जुड़ाव लंकापति रावण की किवदंती से जुड़ा है। वहीं प्रतिवर्ष पौड़ीवाला में शिवलिंग का आकार चावल के दाने के आकार में बढ़ता है। वहीं प्रातःकाल से ही भक्तों ने शिवालयों में शिवलिंग पर पूजा-अर्चना का दौर जारी रखा। जिला सिरमौर के स्वर्ग की दूसरी सीढ़ी पौड़ीवाला, पातलेश्वर मंदिर, जिला की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार में चूड़ेश्वर महाराज के अलावा नाहन के प्राचीन रानीताल मंदिर में विशेष रूप से श्रद्धालुओं ने सैकड़ों की संख्या में पहुंचकर शिव अराधना की। नाहन के रानीताल में नवयुवा शिव मंडल के सौजन्य से इस दौरान डीजे की धुनों पर युवाओं ने मस्ती से डांस किए। जिला के अन्य धार्मिक स्थल श्रीरेणुकाजी के सभी अखाड़ा आश्रमों में भगवान शिव की अराधना, भांग का प्रसाद ग्रहण करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी।

 

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