नौणी के छात्रों ने जानी बागबानी

नूरपुर – डा यशवंत सिंह परमार औद्योगिक एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी, सोलन के जाच्छ स्थित क्षेत्रीय औद्योनिकी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र में औद्योनिकी स्नातक अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के समूह का ग्रामीण कार्य अनुभव का कार्यक्रम केंद्र के सह निदेशक डा अतुल गुप्ता के तत्वाधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम  के दौरान डा विश्व गौरव चंदेल तथा डा विपन गुलेरिया ने भी छात्रों को संस्थान की गतिविधियों से अवगत करवाया। विद्यार्थियों के समूह में हिमाचल प्रदेश अन्य राज्यों से 24 छात्र शामिल थे। छात्रों ने इस दौरान केंद्र के स्थित विभिन्न उपोष्ण कटिबंधीय फलदार पौधों तथा सब्जियों की विभिन्न प्रजातियों तथा किस्मों के बारे में जानकारी हासिल की। इसके अतिरिक्त छात्रों को किसानों के खेतों व बगीचों में ले जाकर कृषि व औद्योनिकी की व्यवहारिक जानकारी दी गई। कृषकों, छात्रों एवं वैज्ञानिकों के बीच में विचारों का आदान-प्रदान करने हेतु पंजहाड़ा (गनोह) गांव में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें छात्रों तथा कृषकों द्वारा सवाल-जबाव किए गए। विद्यार्थियों के समूह का नेतृत्व कर रहे साहिल ठाकुर ने बताया कि इस तरीके के परस्पर विचारों के आदान-प्रदान से विधायर्थियों के व्यवहारिक ज्ञान में बढ़ोतरी हुई है तथा उन्हें कृषकों की मूलभूत समस्याओं के बारे में जानकारी मिली है।  इस संगोष्ठी में पंजहाड़ा गांव से अमित पठानिया, जतिंद्र पठानिया, नितिन शर्मा, ओंकार पठानिया, किरपाल पठानिया, करनैल डढवाल, सुरिंद्र अत्री, जरनैल डढवाल, वरिंद्र पठानिया, नसीब सिंह, अमन पठानिया, चैन सिंह, अशोक कुमार, आशा देवी, सुदेश कुमारी, शिवानी पठानिया, सरुचि, आशु आदि मौजूद रहे। गनोह गोशाला का भी किया भ्रमण कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को स्वदेशी कामधेनु गौशाला गनोह का भी भ्रमण करवाया गया। गोशाला के निदेशक ऋषि डोगरा ने विद्यार्थियों को गोपालन तथा इससे प्राप्त होने वाले विभिन्न उत्पादों जैसे दूध, घी, मक्खन, गौमूत्र तथा खाद के बारे में जानकारी दी।

You might also like