पंजाब में नहीं चलेंगी हिंसा आधारित फिल्में

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंदर सिंह बोले, अश्लीलता परोसने वाली मूवी को नहीं मिलेगी रिलीज की अनुमति

चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंदर सिंह ने कहा है कि राज्य में गैंगस्टर, हिंसा और अश्लीलता को बढ़ावा देने वाली किसी भी फिल्म की रिलीज की अनुमति नहीं दी जाएगी और ऐसी फिल्मों को लेकर सैंसर बोर्ड को लिखेगी। श्री सिंह ने राज्य विधानसभा सत्र के तीसने दिन शून्यकाल के दौरान कांग्रेस के खन्ना से विधायक गुरकीरत सिंह कोटली द्वारा कुख्यात गैंगस्टर सुक्खा काहल्वां पर आधारित फिल्म ‘शूटर’ का मुद्दा सदन में उठाये जाने के दौरान हस्तक्षेप करते हुए यह बात कही। उन्होंने राज्य में सुरक्षित सामाजिक माहौल सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि ऐसी किसी फिल्म के रिलीज की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिससे राज्य में मुश्किल से हासिल शांति एवं साम्प्रदायिक सछ्वाव खराब हो। राज्य सरकार ऐसी फिल्मों पर रोक लगाने को लेकर सैंसर बोर्ड को लिखेगी, क्योंकि यह उसके अधिकार क्षेत्र का मामला है।    श्री कोटली ने कहा कि राज्य में हाल ही में प्रतिबंधित फिल्म ‘शूटर’ जैसी अनेक फिल्में भविष्य में रिलीज होने को तैयार हैं तथा ऐसी फिल्में अगर रिलीज होती हैं तो इससे गैंगस्टरबाजी को बढ़ावा मिलेगा। एक अन्य विधायक परमिंदर सिंह पिंकी द्वारा शिरोमणि अकाली दल (शिअद) नेता इकबाल सिंह मल्लाह की कथित राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्ता का मुद्दा सदन में उठाए जाने पर मुख्यमंत्री ने इस संबंध में जांच कराने तथा कानून के अनुसार कार्रवाई करने की घोषणा की। श्री पिंकी ने आरोप लगाया कि मल्लाह के हाल ही में पाकिस्तान में मारे गए खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के आतंकवादी हैप्पी पीएचडी के साथ संबंध थे।

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