पुलिस अकादमी मधुबन में प्रशिक्षण कार्यक्रम

दिल्ली न्यायिक सेवा के 55 नवनियुक्त ज्यूडीशियल अफसर सीख रहे न्यायिक कार्यप्रणाली

पंचकूलादिल्ली न्यायिक सेवा के अधिकारियों का 15 दिवसीय पुलिस प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार को हरियाणा पुलिस अकादमी मधुबन के सरदार पटेल हाल में आरंभ हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन देशराज चालिया, अतिरिक्त जिला सत्र एवं न्यायाधीश सोनीपत ने किया।  इसमें दिल्ली न्यायिक सेवा के 55 नवनियुक्त ज्यूडीशियल अधिकारी भाग ले रहे हैं, जिनमें 27 महिला अधिकारी भी शामिल हैं। यह प्रशिक्षण 28 फरवरी तक चलेगा। न्यायाधीश चालिया ने अपने उद्घाटन संबोधन में कहा कि न्यायिक अधिकारी के रूप में हमें आम नागरिकों के लिए न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक सहज बनाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए ताकि कोई भी न्यायिक हस्तेक्षप के द्वारा अपने अधिकारों को आसानी से प्राप्त कर सके। उन्होंने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि एक सफल जज बनने के लिए कानूनी ज्ञान के साथ-साथ समाज की जमीनी हकीकत को समझना भी बहुत जरूरी है। नियम व कायदे कानून के साथ मामले की परिस्थितियों की जानकारी सही निर्णय करने में सहायक होती है। विधि का ज्ञान, फौरेंसिक साइंस के बारे में जानकारी, पुलिस की कार्यप्रणाली और जिन परिस्थितियों में वह कार्य करती है उसकी समझ रखने वाले मजिस्ट्रेट की नजर से अपराधी बच नहीं सकते। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कार्यक्रम निश्चित रूप से न्यायिक अधिकारियों की फारेंसिक साईंस के ज्ञान, पुलिस कार्यप्रणाली के प्रति समझ विकसित करने में सहायक होगा। उन्होंने नवनियुक्त न्यायिक अधिकारियों को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। हरियाणा पुलिस अकादमी के पुलिस अधीक्षक कृष्ण मुरारी ने मुख्य अतिथि को निदेशक अकादमी पुलिस महानिरीक्षक योगिंद्र ङ्क्षसह नेहरा की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट किया। अपने संबोधन में मुरारी ने कहा कि आपराधिक न्यायिक प्रणाली के सभी घटकों द्वारा पीडि़त को न्याय दिलवाने में अपनी.अपनी भूमिका पूरी ईमानदारी व सच्चाई के साथ निभानी चाहिए। हरियाणा पुलिस अकादमी के जिला न्यायवादी आनंद मान ने मुख्य अतिथि एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए मुख्य अतिथि के जीवन परिचय एवं कोर्स संबंधी जानकारी दी। अकादमी के उप पुलिस अधीक्षक शीतल सिंह धारीवाल ने मुख्य अतिथि को पुष्प भेंट किया।।

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