बंद न हो ट्राईसाइक्लाजोल और बूप्रोफेजिन

चंडीगढ़ – एग्रो कैमिकल फेडरेशन ऑफ  इंडिया (एसीएफआई) ने कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय के उस फैसला का विरोध किया है, जिसमें सरकार गत दशकों से चावल की खेती में उपयोग में लाए जा रहे ट्राईसाईक्लाजोल और बूप्रोफेजिन पर प्रतिबंध लगा रही है। 31 जनवरी, 2020 को जारी एक गैजिट नोटिफिकेशन के तहत पंजाब और हरियाणा के चावल की खेती करने वाले लाखों किसान इस कदम से बुरी तरह प्रभावित होंगे। फेडरेशन ने चेताया कि सरकार का यह कदम एग्रो कैमिकल उद्योग के लिए भी काफी भारी पडेगा। फेडरेशन के अध्यक्ष एनके अग्रवाल ने बताया कि दोनों पेस्टिसाइड्स पर प्रतिबंध लगाने से न केवल देश की फूड सिक्योरिटी चरमराएगी बल्कि देश को आर्थिक नुकसान भी पहुंचेगा, क्योंकि यह पेस्टिसाइस कीटों में कटौती और पैदावार को बढ़ाने में कारगर साबित होते रहे हैं। उन्होंने आपत्ति जताई की सरकार का यह फैसला बिना किसी तर्क और वैज्ञानिक प्रमाण के लिया गया है, जो कि देश हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार संभावित प्रतिबंध के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रभावों को समझने में भी भारी भूल कर गई है जिसमें सीमित प्रभावी विकल्प, काला बाजारी का प्रकोप, बाजार में नकली उत्पादों का विस्तार आदि शामिल है।

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