बच्चों की मौत पर हंगामा

ऊना में परिजनों ने डाक्टर पर लगाया लापरवाही का आरोप, जमकर की नारेबाजी

ऊना-ऊना मुख्यालय पर स्थित एक निजी अस्पताल की कथित कोताही को लेकर लोगों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने जमकर निजी अस्पताल के खिलाफ नारेबाजी की। परिजनों का आरोप है कि निजी अस्पताल की कथित लापरवाही के चलते उनके बच्चों की मौत हुई है। उधर, पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। निजी अस्पताल में दो बच्चों की मौत को लेकर हंगामा हुआ। बताया जा रहा है कि एक परिवार की बेटी और एक परिवार के बेटे की मौत हुई है। परिजनों ने आरोप लगाया कि निजी अस्पताल प्रशासन प्रशासन से आग्रह भी किया गया कि यदि यहां के अलावा कहीं दूसरे अस्पताल में बच्चे को उपचार की आवश्यकता है तो यहां से रैफर कर दें, लेकिन चिकित्सक ने उनकी एक नहीं सुनीं, लेकिन जब बात हाथ से निकल गई तो बच्चों को पीजीआई के लिए रैफर कर दिया। एक परिवार का आरोप है कि पीजीआई में उनकी बेटी को उपचार के लिए पहुंचाया गया। यहां पर चिकित्सकों ने बताया कि उनके बच्चे की मौत पहले ही हो चुकी है। वहीं, दूसरे परिवार का आरोप है कि उनके बेटे की मौत भी पहले ही हो चुकी थी।  पीजीआई में जब पता चला उनका बेटा ठीक हो सकता था, लेकिन अस्पताल प्रशासन की कथित लापरवाही के चलते उन्हें अपना बेटा गंवाना पड़ा है। उधर, अस्पताल चिकित्सक ने भी पीडि़त परिवारों के साथ संवेदना प्रकट की है।

बच्चों के परिजनों को करवाया था अवगत

शिशु के जन्म के कुछ देर बाद बच्चे को इस अस्पताल में दाखिल किया गया था। शिशु बेंटीलेटर पर था। बच्चे की स्थिति के बारे में परिजनों को बताया गया है। बच्चे के हार्ट में चार छेद थे। जन्म के पांचवें छठे दिन यह छेद अपना असर दिखाता है इसके चलते बच्चे की मौत हो गई। वहीं, एक अन्य मामले में अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बच्चे को परिजन अस्पताल में देरी से लेकर पहुंचे थे। पांच दिन तक बच्चा मशीन में भी रहा। परिजनों को यह भी बताया गया था कि हो सकता है कि बच्चा पीजीआई तक भी न पहुंचे।

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