बसंतपुर-देवीधार सड़क बदहाल

सीएम हेल्पलाइन से भी नहीं मिली राहत, सुन्नी रोड पर भी पैच लगाकर चलाया जा रहा काम

शिमला –मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर खस्ताहालत सड़क की शिकायत करने पर भी कोई राहत नहीं मिल पाई है। सरकार का दावा है कि सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद तुरंत कार्रवाई होती है, मगर यह दमगजे तब खोखले साबित हुए जब शिकायत के दो महीने बाद भी राहत नहीं मिल पाई है। शिमला ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने सीएम हेल्पलाइन के 1100 नंबर पर शिकायत दर्ज करवाई थी कि बसंतपुर से देवीधार  का मुख्य मार्ग खस्ता हालत में है। इस पर वहां से लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए। इन अधिकारियों ने एक दो जगह पर मामूली गढ्ढे भरने का हल्का सा काम किया वह भी बेकार साबित हुआ। लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने इस पर दीपक प्रोजेक्ट के अधिकारियों से बात की, जिन्होंने आश्वस्त किया था कि एक सप्ताह बाद काम शुरू कर दिया जाएगा। पूरी सड़क पर काम तो नहीं होगा, मगर पैचवर्क कर दिया जाएगा परंतु आज दो महीने बीतने के बाद भी पैचवर्क  तक नहीं हो सका है। ऐसे में बसंतपुर से देवीधार के मार्ग पर पड़े गढ्ढे मुंह चिढ़ा रहे हैं। यहां रोजाना सफर करने वाले वाहन चालकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह मार्ग करसोग व ऊपर रामपुर-किंगल की ओर जाता है और एक तरफ से धामी-शालाघाट से जुड़ता है। बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन के पास इस मार्ग को दिया गया है, जिन्होंने ही इसकी मेंटेनेंस करनी है क्योंकि यह मार्ग किन्नौर के लिए जुड़ता है और सेना इस मार्ग से रसद को वहां तक भेजती है, मगर इस रोड की हालत खराब है, जिस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा। लोक निर्माण विभाग का कहना है कि यह सड़क बीआरओ के पास है लिहाजा उनसे कहा गया है परंतु वह काम नहीं करते। इस पर लोक निर्माण विभाग भी कोई काम नहीं कर सकता। बरसात के दिनों में सड़क की हालत और ज्यादा खराब हो गई थी। उधर, बसंतपुर से आगे सुन्नी के लिए जाने वाला मार्ग कुछ साल पहले ही नए सिरे से तैयार किया गया था, जिसकी मेंटेनेंस भी संबंधित कॉन्ट्रेक्टर को दी गई है परंतु इस रोड पर भी गढ्ढे पड़ गए हैं जिन्हें पैच लगाकर भरा तो गया है, मगर अभी भी पूरी तरह से यह दुरूस्त नहीं है। ऐसी परिस्थिति में जब सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकल रहा है तो लोगों को इस सुविधा पर से भी विश्वास उठने लगा है।

 

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