मंत्री गोविंद ठाकुर ने किए इग्नोर

अर्की-कीरड़ागली से बरसुन वाया चल्वायन सड़क पर आज तक नहीं चली बस,ग्रामीण कई बार लगा चुके हैं गुहार

सोलन –अर्की कराडागली से बरसनु वाया चल्यावन सड़क पर लोगों को अभी तक बस सुविधा नहीं मिल पाई है। बस सुविधा के शुरू न होने के चलते लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों द्वारा कई बार कराडागली से बरसनु वाया चल्यावन बस सुविधा शुरू करने की मांग परिवहन एवं युवा खेल मंत्री गोविंद ठाकुर व निगम से कर चुके हैं और ज्ञापन सौंप चुके है, लेकिन लोगों की इस मांग पर किसी ने गौर नहीं किया है। निगम द्वारा इस सड़क पर पड़ने वाले सात गांव को रूट से विपरीत व अधिक किलोमीटर बता कर पल्ला झाड़ रहे है। इन्हीं कारण के चलते लोगों को आज तक कराडागली से बरसनु वाया चल्याण मार्ग पर बस सुविधा नहीं मिली है। हैरानी की बात तो यह है कि इस मार्ग पर बसें चलाने को लेकर चार वर्ष पहले हिमाचल पथ परिवहन निगम सोलन डिपो द्वारा बस का ट्रायल किया था और इसके पश्चात एक सर्टिफिकेट भी जारी किया था कि इस मार्ग पर 47 से 52 सीटर बस चल सकती है। जानकारी के कराडागली से बरसनु वाया चल्याण पांच किलोमीटर का मार्ग पड़ता है। इस मार्ग पर सात गांव चल्यावन, छटेरा, बस्याणा, छांब, पजियारा, बरसनु व बंजर आदि पड़ते हैं। इन सात गांव में लगभग 4000 से अधिक लोग रहते हैं, लेकिन यह लोग काफी वर्षों से बस सुविधा से वंचित हैं।  इस बस को चाखड़ से वापसी में सीधे बरसनु और बरसनु से अर्की भेजा जाए। साथ ही शिमला डिपो की शिमला-पारनु बस को सुबह बरसनु और शाम के समय बरसनु से शिमला लगाया जाए। इन बसों से लोगों को अधिक फायदा पहुंचेगा।

लोगों ने रिपोर्ट को ठहराया गलत

गांव के लोगों ने परिवहन मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में क्षेत्रीय निगम प्रबंधक शिमला(ग्रामीण) द्वारा भेजी गई रिपोर्ट को गलत ठहराया है। उन्होंने कहा है कि हमारे द्वारा नई बस चलाने की मांग नहीं बल्कि जो सोलन व शिमला डिपो की बसें चल रही है उनके रूट में बदलाव कर कराडागली से बरसनु चलाने को कहा है। साथ ही इस सड़क पर ट्रायल के लिए चलाई गई बस का प्रमाण पत्र भी जारी किया है।

निगम ने बता दी एक तरफा आठ से दस किलो मीटर की दूरी

सोलन डिपो द्वारा मुख्य महा प्रबंधक को भेजे गए पत्र में कराडागली से बरसनु वाया चल्यावन की दूरी आठ से दस किलोमीटर बता दी है। साथ ही चल रही बसों के रूट से इस रूट को विपरीत दर्शाया है। लोगों की माने तो यहां की दूरी मात्र पांच किलोमीटर है। हालांकि सोलन डिपो द्वारा इस रूट पर बस दौड़ाने के लिए उच्चाधिकारियों से चालक और परिचालक की मांग भी की है।

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