मैं सभी का हूं, आप सभी मेरे

विधानसभा अध्यक्ष परमार ने लाजवाब भाषण शैली से किया प्रभावित

शिमला – विधानसभा अध्यक्ष का आसन संभालने के साथ बुधवार को विपिन सिंह परमार ने सदन में अध्यक्ष के रूप में अपने पहले भाषण से सबका दिल जीत लिया। बेहतरीन वक्ता माने जाने वाले विपिन सिंह परमार का सदन में करीब आधे घंटे का संबोधन कई मायनों में बेहतरीन था। हिमाचल विधानसभा के युवा अध्यक्ष ने अपने इस नए अंदाज से सभी को मोहित करते हुए यह स्पष्ट संकेत दिया कि अनुभव के मामले में वह किसी से कम नहीं हैं। बहरहाल विधानसभा अध्यक्ष का आसन संभालने के बाद प्रदेश के 17वें विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने सदन में पक्ष व विपक्ष से मुखातिब होते कहा कि मैं सभी का हूं, आप सभी मेरे हैं। न्याय की इस कुर्सी पर बैठकर वह ईश्वर से यही कामना करते हैं कि वह सभी के साथ न्याय करें। उन्होंने सदस्यों को कहा कि तलवार का वार भर सकता है, मगर वाणी का वार कभी नहीं भरता। इसलिए सभी सदस्य अपना सहयोग दें और ऐसा मौका कभी भी ना आए कि कोई अपनी वाणी से घाव दे दे। उन्होंने सभी सदस्यों का आभार जताया, खासकर वीरभद्र सिंह का विशेष आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने परंपराओं को जीवित रखा है। हिमाचल छोटा राज्य जरूर है, मगर परंपरा बनाने में देश को यह प्रदेश दिशा देता है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के पद पर पहुंचने में कांगड़ा जिला सबसे आगे रहा है और कई विभूतियों ने इस आसन को सुशोभित किया है। परमार ने वादा किया कि वह सभी के प्रति अपना समदृष्टिकोण रखेंगे और कभी भी विपक्ष के मुंह को चुप करवाने की कोशिश नहीं करेंगे, मगर शालीनता बरतनी सभी के लिए जरूरी है। श्री परमार ने कहा कि वह साधारण व्यक्ति हैं और साधारण परिवार से ताल्लुख रखते हैं। मुझे कुछ नहीं आता, आप सब से सीखने आया हूं। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व व प्रदेश के मुख्यमंत्री का आभार जताया और कहा कि संगठन ने सींचकर मुझे यहां तक भेजा है। जो दायित्व मुझे दिया गया है, मैं उसे बखूबी निभाऊंगा। इससे पहले विधानसभा के उपाध्यक्ष हंसराज ने विपिन सिंह परमार के अध्यक्ष बनने की घोषणा की और उनके राजनीतिक जीवन के बारे में बताया। इसके बाद बतौर विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने सदन की कार्यवाही का संचालन शुरू कर दिया।

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