रेहड़ी फड़ी वालों पर आखिर किसका आर्शीवाद

रामपुर नगर परिषद को ठेंगे पर रखकर बेखोफ है रेहड़ी फड़ी वाले, प्रशासन और एनएच ने भी साध रखी है चुप्पी

रामपुर बुशहर-कल उठाए और आज फिर रामपुर की सड़कों पर अवैध रेहड़ी फड़ी सज गई। ऐसे में सवाल ये उठता है कि जिन लोगांे को नगर परिषद, प्रशासन व पुलिस का भी डर नहीं रहा उन पर किसी न किसी का अर्शीवाद जरूर है जो उनके हौंसलों को इतना बुलंद किए हुए है। ऐसे में जो लोग रामपुर शहर में भारी भरकम किराया व अन्य टैक्स देकर दुकानें चला रहे है उनके लिए अवैध कब्जाधारियों पर की जाने वाली कारवाई मजाक लग रही है। इन रेहड़ी फड़ी वालों को हटाने की जिम्मेवारी केवल नगर परिषद् उठा रहा है। जबकि कायदे से स्थानीय प्रशासन, एनएच विभाग और पुलिस को संयुक्त रूप से रेहड़ी फड़ी वालों को हटाने की मुहिम चलानी चाहिए। जिसकी वजह ये है कि जिस चौधरी अड्डे में अवैध रेहड़ी फड़ी वाले फल फूल रहे है वह एनएच की मुख्य सड़क है। वहीं जहां पर इन लोगों ने अपना सामान रखा है वहां पर एनएच ने बाकायदा रैलिंग लगा रखी है। जिसे अब काट कर वहां पर गेट बना दिए गए है। ऐेसे में साफ है कि ये लोग एनएच विभाग की प्रॉपर्टी को नुक्सान पहुंचा रहे है। लेकिन एनएच चुप्पी साधे है। वहीं दुसरी और जिस जगह पर ये रेहड़ी फड़ी वाले बैठे रहते है वहां पर ट्रैफिक आऊट आफॅ कंट्रोल है। पुलिस कर्मी दिन भर यहां पर ट्रैफिक खोलने में मशक्कत करते दिखते है। लेकिन इन रेहड़ी फड़ी वालों को पुलिस भी कुछ नहीं कहती। वहीं इन रेहड़ी फड़ी वालों से रास्ते संकरे हो गए है। जिससे कभी भी हादसा हो सकता है। जिसकी पूरी जिम्मेवारी स्थानीय प्रशासन की है। ऐसे में हर विभाग इस गंभीर मामले में चुप्पी साधे हुए है। लोगांे का कहना है कि अगर आज इन अवैध रेहड़ी फड़ी वालों को हटाया नहीं गया तो आने वाले समय में ये समस्या गंभीर बन जाएगी। जिसके बाद इन्हें हटाना यहां पर आसान नहीं होगा।

रेहड़ी-फड़ी वालों की रोजी रोटी पर लात मारना क्या सही

कभी नाममात्र रेहड़ी-फड़ी आज बढ़कर दो दर्जन के करीब हो गए है। अब ये रेहड़ी फड़ी वाले रोजी रोटी की दुहाई दे रहे है। ऐेसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि अगर इसी तरह से इन अवैध रेहड़ी फड़ी वालों को छुट मिलती रही तो आने वाले समय में ये अवैध कब्जाधारी 50 फिर 100 और ज्यादा भी हो सकते है। जिसके बाद इन्हें हटाना दंगा भड़काने जैसा होगा।

रेहड़ी फड़ी वालों पर आखिर किसका आर्शीवाद

रेहड़ी-फड़ी वाले किसी न किसी के आर्शीवाद से फल फूल रहे है। सबसे बड़ी बात वोट बंैक की है। चौधरी अड्डे में जितने भी रेहड़ी फड़ी वाले है वो भले ही बाहरी राज्योें से है लेकिन उनका वोट यहां पर है। ऐसे में ये वोट बैंक ही इन रेहड़ी फड़ी वालों की छत बना हुआ है। ये ही वजह ये है अभी तक इन पर कोई भी सख्त कारवाई अमल में नहीं लाई गई है।

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