रेहड़ी-फड़ी वालों पर चलेगा डंडा

रामपुर में नगर परिषद ने दी चेतावनी,आज नहीं हटे तो होगा भारी भरकम चालान और सामान भी होगा जब्त

रामपुर बुशहर – नई अध्यक्ष की कुर्सी संभालने ही नगर परिषद एक्टिव मोड में आ गई है। काफी लंबे समय से बेलगाम हुए रेहड़ी-फड़ी वालों ने एनएच पर ही डेरा जमा दिया है, जिसके आगे नगर परिषद् पूरी तरह से बेबस नजर आ रही है, लेकिन मंगलवार को हुई बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए साथ ही अवैध रूप से बैठे अतिक्रमणकारियों को भी खदेड़ने की रणनीति बनाई गई। इसी कड़ी में रामपुर मे डेरा जमा कर बैठे अवैध रेहड़ी-फड़ी वालों को चेतावनी दी गई। यहां बताते चले कि रामपुर शहर में रेहड़ी-फड़ी वालों व अतिक्रमणकारियों का बोलबाला है। कोई भी अपना सामान लेकर कहीं भी बैठ जाता है। जिसके आगे नगर परिषद् पूरी तरह से बेबस है। आलम ये है कि शहर की गलियां पूरी तरह से रेहड़ी-फड़ी वालों से अटी हुई हुई है। यहां तक कि अब तो एनएच पर ही अवैध कब्जाधारियों ने डेरा जमा दिया है। चौधरी अड्डा और आयुर्वेद अस्पताल की सीढि़यां इन रेहड़ी-फड़ी वालों का अड्डा बन चुकी है। जिसे आसानी से खदेड़ना आसान नहीं होगा, वहीं चौधरी अड्डे में बाहरी राज्यों से यहां पर आए लोगों ने डेरा जमा रखा है। इन्हें भी खदेड़ना आसान नहीं है, लेकिन नई अध्यक्ष ने खुद इन रेहड़ी-फड़ी वालों को 21 से पहले उठने की हिदायत दी और कहा कि वह सुधर जाएं। नहीं तो अब सख्त कार्रवाई होगी।

मुख्यमंत्री के समक्ष उठाई थी 80 लाख की डिमांड

गत वर्ष नंवबर माह में अंतरराष्ट्रीय लवी मेले के समापन अवसर पर रामपुर आए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के समक्ष नगर परिषद के पार्षदों ने 80 लाख की वित्तीय आवश्यकता की मांग रखी थी। जिसे आज दिन तक पूरा नहीं किया गया है। ऐसे में यहां के नौ वार्डों में दर्जनों विकास कार्य लटके हुए है। अब जब नगर परिषद को अध्यक्ष मिल गई है लेकिन सवाल ये है कि अब विकास कार्यों को माली हालत के कारण आखिर कैसे शुरू किया जाए।

कंगाली के दौर से गुजर रही नगर परिषद

काफी लंबे समय से खाली चले नगर परिषद की अध्यक्ष की कुर्सी पर सुमन घागटा विराजमान तो हो गई है लेकिन यहां के नौ वार्डों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाना आसान नहीं होगा। जानकारी के मुताबिक नगर परिषद के पास विकास कार्यों के लिए पैसे ही नहीं है। स्थिति ये है कि नगर परिषद्् के कर्मचारियों को दुकानों से आ रहे किराए व अन्य टैक्स से भुगतान किया जा रहा है। ऐसे में विकास को आगे बढ़ाना नई अध्यक्ष के लिए आसान नहीं होगा।

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