सड़क पर नहीं, अब बंद कमरे में सीखेंगे गाड़ी चलाना

प्रदेश भर में एचआरटीसी के हर ड्राइविंग स्कूल में जल्द लगाया जाएगा सिम्युलेटर सिस्टम

बिलासपुर – हिमाचल में अब एचआरटीसी के हर ड्राइविंग स्कूल में कम्प्यूटर युक्त सिम्युलेटर सिस्टम स्थापित होगा। प्रदेश के सभी ड्राइविंग स्कूलों में इन सिस्टम के लगने के बाद ड्राइंविग सीखने वालों को सड़क पर ले जाने की बजाय बंद कमरे में ट्रेंड किया जाएगा। लिहाजा सिम्युलेटर पर अब तक आपने बच्चों को कार दौड़ाते ही देखा होगा, लेकिन जल्द ही इस प्रक्रिया से आपको भी गुजरना होगा। एचआरटीसी बिलासपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक मेहर चंद ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि हाईकमान ने निगम के हर ड्राइविंग स्कूल में सिम्युलेटर सिस्टम स्थापित करने को हरी झंडी दे दी है। 15 मार्च तक सिम्युलेटर सिस्टम हर ड्राइविंग स्कूल में पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस प्रस्तावित तिथि तक यदि यह सिस्टम पहुंचते हैं तो पहली अप्रैल से पूरे प्रदेश में इस सुविधा को शुरू किया जाएगा। आरएम मेहर चंद ने बताया कि बिलासपुर डिपो के ड्राविंग स्कूल में इस सिस्टम को लगाने के लिए थ्री फेज बिजली कनेक्शन को अप्लाई कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि इस सेम्युलेटर सिस्टम को लगाने में लाखों रुपए की लागत आएगी। उल्लेखनीय है कि ड्राइविंग स्कूल में टे्रनिंग के दौरान प्रशिक्षुआें को कभी-कभी काफी परेशानियां सामने आती थी। अभ्यर्थियों को कभी बारिश से जूझना पड़ता था, कभी मैदान, तो कभी सड़कें खाली नहीं मिलती थीं। ऐस में अब सिम्युलेटर सिस्टम स्थापित हो जाने से प्रशिक्षु जल्द ही बंद कमरे में ड्राइविंग सीख सकेंगे।

क्या है सिम्युलेटर

सिम्युलेटर एक ऐसी मशीन होती है, जिसमें यह आभास होता है कि आप खुद सड़क पर गाड़ी दौड़ा रहे हैं। इसमें गाड़ी से संबंधित सारी चीजें होती हैं जैसे स्टीयरिंग, ब्रेक, क्लच, सीट बेल्ट, सड़क आदि। इसी प्रक्रिया से माध्यम से अब जल्द ही आप ड्राइविंग करना सीखेंगे। सिम्युलेटर सिस्टम में आगे का हिस्सा कार की तरह होगा। प्रशिक्षु को सीट पर बैठकर स्टीयरिंग, क्लच व ब्रेक के सहारे ट्रेंड किया जाएगा।  इसमें रोड पर डिवाइडर, सामने से आते वाहन और ट्रैफिक चिन्ह भी नजर आएंगे। आवेदक ड्राइव करता जाएगा और इंस्ट्रक्टर इसकी गणना व उसे निर्देशित करता रहेगा।

You might also like