सेवाविस्तार की संस्कृति कांग्रेस लाई

मुख्यमंत्री बोले, हर रोज कर्मचारी एक्सटेंशन के लिए पहुंच जाते हैं सीएम ऑफिस

शिमला – मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि राजनीतिक मंशा के साथ कांग्रेस ने सेवाविस्तार का कल्चर डिवेलप किया। इस कारण अब रिटायर्ड कर्मचारी हर रोज सीएम ऑफिस में सेवाविस्तार का आवेदन लेकर खड़े हो जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने पांच वर्ष के कार्यकाल में 2397 अधिकारी-कर्मचारियों को सेवाविस्तार तथा 1248 को रि-इम्प्लायमेंट का लाभ दिया। नियमों को ताक पर रखकर यह लाभ सिर्फ चहेतों को दिया गया है। इससे निचले कर्मचारी पदोन्नति के लाभ से वंचित हो गए। इस कारण भाजपा सरकार ने इस पर पूरी तरह से रोक लगाने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार ने विकट परिस्थितियों में ही सेवाविस्तार व रि-इम्प्लायमेंट का लाभ दिया है। नियमों के तहत इन दो सालों में केवल 20 अधिकारी-कर्मचारियों को सेवाविस्तार तथा 213 को रि-इम्पलायमेंट का लाभ दिया गया है। रि-इम्प्लायमेंट पाने वाले कर्मचारियों में 90 फीसदी से ज्यादा पटवारी हैं। सीएम ने कहा कि पटवारियों की कमी के चलते एक कर्मचारी के हवाले दो-तीन पटवार सर्किल थे। मुख्यमंत्री ज्वालामुखी के विधायक रमेश धवाला के प्रश्न का जवाब दे रहे थे। रमेश धवाला ने अपने अनुपूरक सवाल में पूछा था कि जनवरी 2015 से 2018 के बीच कितने कर्मचारियों को सेवाविस्तार का लाभ दिया गया और इस पर कितनी धनराशि खर्च हुई। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि इन तीन वर्षों के बीच 294 क्लास-वन अफसरों, 81 क्लास-टू, 720 क्लास-थ्री तथा 65 क्लास-फोर कर्मचारियों को सेवविस्तार का लाभ दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समयावधि के बीच कुल 1160 कर्मचारियों को सेवाविस्तार का लाभ दिया गया है और इस पर 28 करोड़ 33 लाख खर्च किए गए। सीएम ने कहा कि नियमों के तहत विशेष परिस्थितियों में ही यह सेवालाभ दिया जाने का प्रावधान है।

ट्रेनिंग के बाद तैनाती

इसी सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि पटवारी भर्ती के बाद उन्हें प्रशिक्षण देकर फील्ड में तैनात कर दिया जाएगा। इसके बाद रि-इम्पलायमेंट सेवा से जोड़े गए पटवारियों की संख्या भी कम हो जाएगी। सीएम ने कहा कि भाजपा सरकार सेवाविस्तार व रि-इम्प्लॉयमेंट के पहले भी खिलाफ थी और अब भी इसके विरोध में है।

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