स्कूलों में जल्द भरें प्रिंसीपल के पद

जिला सिरमौर मुख्याध्यापक-प्रधानाचार्य अधिकारी संवर्ग की बैठक में जोर-शोर से उठी मांग

नाहन –जिला सिरमौर मुख्याध्यापक प्रधानाचार्य अधिकारी संवर्ग की बैठक जिला प्रधान सुरेंद्र सिंह चौहान की अध्यक्षता में बीआरसी कार्यालय नाहन में संपन्न हुई। इसमें सिरमौर के विभिन्न खंडों के प्रतिनिधियों सहित जिला कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में सभी सदस्यों ने एक मत से सीनियर सेकेंडरी विद्यालयों में खाली पड़े प्रधानाचार्य के पदों को शीघ्र पदोन्नत्ति से भरने की मांग रखी। इस पर भी हैरानी व्यक्ति की गई कि वर्ष 2019 में कोई भी पदोन्नत्ति सूची नहीं निकाली गई। इससे न केवल विद्यालय स्तर पर कार्य प्रभावित हो रहा है। साथ ही लंबे सेवाकाल के बाद पदोन्नत्ति की इंतजार कर रहे मुख्याध्यापक बिना पदोन्नत्ति के ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इस पर विभाग एवं सरकार के उदासीन रवैये पर रोष प्रकट किया गया। प्रदेश सरकार में शिक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री को भी इस स्थिति से कई बार जिला व राज्य स्तर पर अवगत करवा दिया गया है। गौरतलब है कि प्रदेश के जमा दो विद्यालयों में प्रधानाचार्य के पदों को प्रवक्ता एवं मुख्याध्यापकों को 50ः50 अनुपात में पदोन्नत्ति देकर भरे जाते हैं। हाई स्कूल के मुख्याध्यापक टीजीटी से पदोन्नत्त होकर बनते हैं। विभाग में टीजीटी की संख्या पहले ही सबसे अधिक है और सीएंडवी व जेबीटी भी पदोन्नत्त होकर इस वर्ग में जुड़ते हैं। इस प्रकार हाई स्कूल मुख्याध्यापक पर पहुंचते पहुंचते अधिकतर अध्यापकों का सेवाकाल पूरा हो जाता है और बहुत कम लोग ही प्रधानाचार्य पर पदोन्नत्त हो पाते हैं, क्योंकि प्रदेश में इन तीनों कैडर में अध्यापकों की संख्या बहुत अधिक है। पदोन्नत्ति का केवल एक ही अवसर है उस पर भी सूची समय पर न निकलने पर कितने ही अध्यापक पात्रता के बावजूद भी पदोन्नत्त नहीं हो पाते हैं न ही इन कैडर में टाइम स्केल जैसी सुविधा का प्रावधान है। वर्षों से अध्यापकों द्वारा विभाग से पदोन्नत्ति सूची को समय पर जारी करने की मांग की जाती रही है, मगर विभाग लगभग 18 माह में भी एक पदोन्नत्ति सूची नहीं निकाल पाया है। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगता है कि जान-बूझकर इस वर्ग की उपेक्षा की जा रही है। बैठक में मांग की गई है कि जब वर्ष के शुरू में ही प्रधानाचार्यों के रिक्त होने वाले पदों और पदोन्नत्ति के पात्र मुख्याध्यापकों की संख्या व ब्योरा विभाग को ज्ञात है तो वर्ष में दो बार पदोन्नत्ति सूची जारी की जाए। साथ ही केवल अध्यापकों के लिए ही स्थानांतरण नीति अधिनियम बनाने का भी विरोध किया गया। बैठक में यह भी मांग की गई कि 2017 में तदर्थ आधार पर्व प्रधानाचार्य पदों पर नियुक्ति को भी शीघ्र नियमित किया जाए। विद्यालय में अध्यापकों को गैर शैक्षणिक कार्यों जैसे जनगणना बीएलओ को क्रियान्वित करने की जिम्मेदारी न दी जाए। इसके लिए जिलाधीश सिरमौर को भी ज्ञापन देने के लिए सहमति बनी। वर्ष में दो बार समारोह किया जाएगा जिसमें इस बीच सेवानिवृत्त होने वाले प्रधानाचार्य,  मुख्याध्यापकों को सम्मानित किया जाएगा। इस बैठक में कार्यकारिणी का विस्तार किया गया, जिसमें महेश गुप्ता को मुख्य प्रवक्ता, अयूब  खान को मुख्यालय सचिव एवं रत्न सिंह चौहान को सोशल मीडिया गु्रप प्रभारी नियुक्त किया गया। संघ की बैठक हर तीन महीने में एक बार करने का निर्णय लिया गया। आगामी बैठक अप्रैल माह में आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर संजीव नौटियाल, अजय शर्मा, रामरतन रमौल, राजीव ठाकुर, राजीव शर्मा व अन्य मुख्याध्यापक व प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।

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