हरियाणा में स्टेट एडवाइजरी कमेटी की मंत्रणा

एचईआरसी के चेयरमैन बोले, बिजली उपभोक्ताओं के हितों के अनुरूप होगा एआरआर पर निर्णय

पंचकूला – हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन एचईआरसी में सोमवार को स्टेट एडवाइजरी कमेटी की मीटिंग हुई। मीटिंग की अध्यक्षता एचईआरसी के चेयरमैन दीपेंद्र सिंह ढेसी ने की। मीटिंग में आयोग के सदस्य प्राविंद्रा सिंह चैहान,  सदस्य नरेश सरदाना, डिस्कॉम के सीएमडी शत्रुजीत कपूर, एचवीपीएन और एचपीजीसीएल के एमडी मोहम्मद शाइन, हरेडा के डीजी हनीफ कुरैशी, एचईआरसी के पूर्व चेयरमैन लेण् कर्नल सेवानिवृत रघबीर सिंह छिल्लर, एचईआरसी के पूर्व चेयरमैन आरएन परासर, एचएयू के कुलपति डाण् केपी सिंह, एचईआरसी के सचिव अनिल दून, डायरेक्टर टैरिफ संजय वर्मा, डायरेक्टर टेक्त्रिकल वीरेंद्र सिंह और स्टेट एडवाइजरी कमेटी के अन्य सदस्यों ने भाग लिया। उल्लेखनीय है कि सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 के सेक्शन 87 और 88 में स्टेट एडवाइजरी कमेटी का उल्लेख है। साथ ही पावर यूटिलिटी की वार्षिक राजस्व जरूरत एआरआर की याचिकाओं की पब्लिक हियरिंग के बाद और एआरआर के आर्डर से पहले स्टेट एडवाइजरी कमेटी की मीटिंग अनिवार्य होती हैए ताकि एडवाइजरी कमेटी के सदस्यों की बात को भी सुना जा सके। मीटिंग में एचईआरसी के चेयरमैन दीपेंद्र सिंह ढेसी ने सबसे पहले केंद्रीय बजट के उस हिस्से को पढकर सुनाया, जिसमें कहा हुआ है कि अगले तीन साल में देश में सभी पुराने मीटरों की जगह स्मार्ट मीटर लगा दिए जाएंगे। इस पर चेयरमैन ढेसी ने हरियाणा की बिजली वितरण कपंनियों की प्रगति के बारे में जानकारी मांगी। इस मीटिंग की  विशेषता यह रही कि चेयरमैन ढेसी ने एडवाइजरी कमेटी के सदस्यों जिनमें मुख्यतौर पर पूर्व चेयरमैन लेण् कर्नल सेवानिवृत रघबीर सिंह छिल्लर, पूर्व चेयरमैन आरएनपरासर,  एचएयू के वीसी डा. केपी सिंह, किसान अरविंद कुमार, पानीपत इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद खंडेलवाल और दूसरे सदस्यों को कहा कि आप अपने प्रश्र और सुझाव दें तथा फिर डिस्कॉम के सीएमडी शत्रुजीत कपूर इनके एक साथ ही जवाब दे देंगे। मीटिंग में जहां रघबीर सिंह छिल्लर ने फीडरों के लाइन लॉसए परासर ने एचपीजीसीएल के प्लांटोंए अरविंद कुमार ने एग्रो इंडस्ट्री के लिए अलग से टेरिफ बारेए पानीपत इंडस्ट्री एसोसिएशन के खंडेलवाल ने उद्योगों के लिए और ज्यादा सहुलियत देने पर बात की। इस पर चेयरमैन ढेसी ने कहा कि हर श्रेणी के बारे में बोला गयाए लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं के बारे में किसी ने कोई प्रश्र नहीं किया।

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