हिमालयन रीजन के जीव जंतुओं पर शोध आसान

सोलन – विश्वभर के अध्ययनकर्ताओं को हिमालयन रीजन में पाए जाने वाले विभिन्न जीव-जंतुओं पर शोध करने का तोहफा मिल गया है। भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (जेडएसआई) के सोलन स्थित उच्च उच्छाय क्षेत्रीय केंद्र में नवनिर्मित हिमालय जीव कोष (रिपोज़िटरी) बुधवार को अध्ययनकर्ताओं को समर्पित हो गया। इसका शुभारंभ केंद्रीय पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव सीके मिश्रा ने किया। उन्होंने इस कोष के आरंभ होने पर जेडएसआई के अधिकारियों को बधाई दी और इस तरह के केंद्र खोलने के लिए हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। मुख्यातिथि सीके मिश्रा ने इस अवसर पर आयोजित एक दिवसीय सेमिनार के दौरान कहा कि ट्रांस हिमालय में पाए जाने वाले जीव-जंतुओं पर हो रहे अध्ययन को वैज्ञानिक लोगों तक पहुंचाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने इस क्षेत्र में और अधिक केंद्र खोले जाने की वकालत करते हुए कहा कि यदि हिमाचल सरकार इसे लेकर पहल करती है, तो केंद्र सरकार उसमें पूरी मदद करेगी। जीव कोष के उद्घाटन के बाद उन्होंने इस कोष में रखे गए विभिन्न प्रजातियों के नमूने देखे और कम जगह का भरपूर उपयोग करने के लिए केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीपीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों की भी सराहना की। सेमिनार के दौरान मुख्यातिथि सहित अन्य अतिथियों ने स्मारिका सहित हिमालय क्षेत्र में पाई जाने वाली विभिन्न जीव जंतुओं पर आधारित पुस्तकों का विमोचन भी किया। इस अवसर पर नौणी यूनिवर्सिटी के कुलपति डा. परविंद्र कौशल, प्रदेश पीसीसीएफ (वाइल्ड लाइफ) डा. सविता, निदेशक जेएडएसआई डा. कैलाश चंद्र, निदेशक बीएसआई डा. एए माओ सहित अन्य मौजूद रहे।

चींटी से लेकर हाथी तक के अवशेष

विश्वभर के अध्ययनकर्ता अब सोलन में आकर हिमालयन क्षेत्र के जीव-जंतुओं के ऊपर शोध करने के साथ-साथ इस विषय पर अध्ययन कर सकेंगे। यह संग्रहालय उत्तरी भारत का पहला संग्रहालय होगा, जिसमें चींटी, तितली से लेकर हाथी तक के अवशेषों के साथ-साथ उनसे जुड़े शोध पत्र व अन्य अनुसंधान कार्य सुरक्षित रखे जाएंगे। अभी तक ये जानकारियां सिर्फ लंदन के अंतरराष्ट्रीय स्तर की रिपोज़िटरी में ही थी।

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