डा. विनय महाजन का हर पल मरीजों के नाम

पालमपुर अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ने बुलंदी पर पहुंचाया संस्थान, सीटी स्कैन-डायलिसिस व एंडोस्कॉपी सेवा करवाई शुरू

नाम  :  डा. विनय महाजन

जन्म  :  18 दिसंबर  1962

माता-पिता  :  लेखराज महाजन  राजेश्वरी महाजन

निवासी : पालमपुर

‘दिव्य हिमाचल मीडिया ग्रुप’ हिमाचल, हिमाचली और हिमाचलीयत की सेवा में सदैव तत्पर रहा है। यही कारण है कि किसी भी रूप में कुछ हटकर करने वालों को सम्मान हमारी प्राथमिकता में शामिल है। ‘दिव्य हिमाचल एक्सिलेंस अवार्ड‘ ऐसी ही कर्मठ विभूतियों, संगठनों व संस्थाओं के प्रयासों को प्रणाम करने का संकल्प है। ‘दिव्य हिमाचल एक्सिलेंस अवार्ड’ की ‘सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य प्रशासक’ श्रेणी में शुमार हैं नगरोटा बगवां के डा. विनय महाजन..

पालमपुर  – 2017 में कायाकल्प सम्मान से नवाजा जा चुका पालमपुर अस्पताल एक मॉडल अस्पताल के तौर पर उभर रहा है। प्रयास किए जा रहे हैं कि मरीजों को अस्पताल परिसर में ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं प्रदान की जाएं, तो मरीजों के सम्मान का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों के लिए परिसर में ही अच्छे खाने का भी बंदोबस्त किया जा रहा है। किसी भी संस्थान की प्रगति में संस्थान प्रमुख का अहम रोल रहता है और पालमपुर अस्पताल में तैनात मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डा. विनय महाजन इसे बखूबी अंजाम दे रहे हैं। मृदुभाषी व मिलनसार डा. विनय महाजन ने पालमपुर अस्पताल को संवारने में हर संभव प्रयास किया है। इससे पूर्व वह जहां भी तैनात रहे, उनकी सेवाओं को याद किया जाता है। 18 दिसंबर, 1962 को लेखराज महाजन और राजेश्वरी महाजन के घर जन्मे डा. विनय महाजन की प्रारंभिक व कालेज स्तर तक की शिक्षा चंडीगढ़ में हुई। माता राजेश्वरी महाजन ने स्कूल से ही विनय महाजन को चिकित्सक बनने के लिए प्रेरित किया और शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज से पहले एमबीबीएस करने के बाद विनय महाजन ने एमडी भी की। डा. विनय महाजन ने 1986 से 1989 तक बनूरी, 1989 से 1992 भवारना, 1992 से 1995 तक पालमपुर और 1995 से 1998 तक शिमला के स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाएं दीं। 1998 से लेकर अब तक डा. विनय महाजन पालमपुर में विभिन्न पदों पर सेवाएं दे रहे हैं। जून, 2016 से फरवरी, 2017 तक उन्होंने टांडा मेडिकल कालेज में बतौर एमएस कार्य किया। इस दौरान पेशेंट केयर इम्प्रूवमेंट, मरीजों की मूलभूत सुविधाओं को समझकर उनका प्रावधान करना, सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं पर आपातकालीन सुविधाओं की बेहतरी के साथ परिसर में यातायात प्रबंधन के क्षेत्र में भी अहम कदम उठाए। डा. विनय के पालमपुर अस्पताल में रहते हुए यहां पर सीटी स्कैन, एंडोस्कॉपी और डायलिसिस जैसी जरूरी सेवाएं शुरू की गईं। इसके साथ कैजुअल्टी सर्विस के लिए अलग से विंग तैयार किया गया तथा सिक निओ नेटल केयर यूनिट पर काम किया गया। पालमपुर अस्पताल प्रदेश के सबसे साफ-सुथरे अस्पतालों में एक है। यहां नए भवन का काम भी शुरू हो चुका है। मरीजों के साथ आने वालों के लिए अन्नपूर्णा योजना के तहत फ्री में खाना भी उपलब्ध करवाया जाता है।

परिवार-टीम एफर्ट ताकत

डा. विनय महाजन कहते हैं कि उनका परिवार उनका संबल है और हर कदम पर उनके साथ खड़ा रहता है। वहीं टीम एफर्ट, क्म्युनिटी, मीडिया व पोलिटिकल सपोर्ट के साथ क्रिटिक्स भी उनको बेहतर करने को प्रेरित करते हैं, जो समय-समय पर उनकी कमियों को सामने लाते हैं। डा. विनय महाजन की पत्नी डा. कल्पना महाजन रेडियोलॉजिस्ट हैं। वह पालमपुर अस्पताल में बतौर एसएमओ तैनात हैं। बेटी अर्चिता महाकाल में बतौर मेडिकल आफिसर सेवाएं प्रदान कर रही हैं, तो बेटा अर्पित नामी संस्थान से फूड, साइंस एंड टेक्नोलॉजी में बीटेक कर रहा है।

एनक्यूएएस को बढ़ाए कदम

जनता को प्रदान की जा रही बेहतरीन सेवाओं को देखते हुए पालमपुर अस्पताल को 2017 में कायाकल्प पुरस्कार से नवाजा गया। अब एमएस डा. विनय महाजन की अगवाई में संस्थान ने राष्ट्रीय स्तर के एनक्यूएएस यानी नेशनल क्वालिटी इंश्योरेंस स्टैंडडर्ज की ओर कदम बढ़ाए हैं।

लक्ष्य के लिए मेहनत ईमानदारी जरूरी

डा. विनय महाजन कहते हैं कि किसी भी लक्ष्य को तय करने के लिए ईमानदारी, मेहनत व लगन से कार्य किया जाए, तो सफलता जरूर कदम चूमती है। इसलिए बिना फल की इच्छा किए ईमानदारी से मेहनत कीजिए।

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