कोरोना काल में भी नहीं थमी नौणी विश्वविद्यालय की रफ्तार

By: Jul 15th, 2020 12:20 am

नौणी-डा. वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी द्वारा कोरोना वायरस से चलते तीन महीने हुए लॉकडाउन के दौरान बच्चों के भविष्य के मद्देनजर हर संभव प्रयास किए गए। विश्वविद्यालय द्वारा लगातार बच्चों की ऑनलाइन क्लासेज ली जा रही है। इसके अतिरिक्त अन्य गतिविधियों का आयोजन विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन माध्यम से किया गया है। विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों के भविष्य को मध्यनजर रखते हुए ऑनलाइन परीक्षाओं का आयोजन भी किया जाएगा। इसके साथ ही किसानों, बागबानों के लिए विभिन्न व्हाट्सऐप ग्रुप बनाए गए हैं जिसके माध्यम से उन्हें जानकारियां प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त विवि द्वारा किसानों की समस्याओं को देखते हुए यूएचएफ किसान सेवा नामक एक पेज बनाया गया हे जिसके माध्यम से किसानों की हर संभव सहायता की जा रही है। विवि द्वारा अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी दिवस को विडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से किया गया। इस कार्यक्रम को विडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से डिजिटल रूप से आयोजित किया गया। जिसमें स्पेस क्लब के सदस्यों, छात्रों, शोधकर्ताओं और विभाग के संकाय ने भाग लिया। वहीं स्लोगन लेखन, क्विज और चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें प्रतिभागियों ने अपने स्लोगन और चित्रों को डिजिटल रूप में साझा किया, जिन्हें मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा ऑनलाइन आंका गया। एक ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी भी आयोजित की गई।  कोरोना वायरस के खिलाफ निवारक उपाय के रूप में अच्छी गुणवत्ता वाले सैनिटाइजर की बढ़ती मांग को देखते हुए डॉ यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के वैज्ञानिकों द्वारा एक हर्बल मॉइस्चराइजिंग सेनेटाइजर तैयार किया गया है। यह सेनेटाइजर विवि द्वारा कर्मचारियों और शोधकर्ताओं के उपयोग के लिए उपलब्ध करवाया जाएगा। यह सेनेटाइजर विश्वविद्यालय के वन उत्पाद विभाग के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित किया गया है और शनिवार को अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डा. परविंदर कौशल द्वारा इसे जारी किया गया।  डा. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने शैक्षणिक वर्ष 2020-21 के लिए अपने स्नातक, एमएससी और एमबीए एग्रीबिजनेस कार्यक्रमों के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। विश्वविद्यालय ने यह निर्णय कोरोना वायरस के कारण छात्रों और अभिभावकों को हुई कठिनाइयों को देखते हुए लिया है। इसके अलावा छात्र नेरी महाविद्यालय में बीटेक जैव प्रौद्योगिकी कार्यक्रम के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। स्नातक कार्यक्रमों में सामान्य सीटों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई तक बढ़ाई जा चुकी है। स्व-वित्तपोषण सीटों के लिए 31 जुलाई तक आवेदन किया जा सकता है।  इसके अतिरिक्त, एमएससी और एमबीए (एग्रीबिजनेस) कार्यक्रमों के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि भी 15 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। एमबीए और पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन करने की तिथि अपरिवर्तित रहेगी।

एमबीए-पीएचडी को 17 व 15 जुलाई तक करे आवेदन

 एमबीए और पीएचडी के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि क्रमशः 17 जुलाई और 15 जुलाई है। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है और इच्छुक छात्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर लॉगइन करके आवेदन कर सकते हैं। प्रत्येक कार्यक्रम के लिए कुल सीटों के साथ विस्तृत प्रवेश सूचना वेबसाइट पर देखी जा सकती है।  नौणी  विश्वविद्यालय में फ्रूटस एंड वेजिटेबल प्रोसेसिंग एवं बेकरी प्रोडक्टस पर आधारित एक साल के डिप्लोमा के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह डिप्लोमा विवि के फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग द्वारा करवाया जाता है। इस डिप्लोमा कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को खाद्य प्रसंस्करण और बेकरी आइटम के क्षेत्र में अपने उद्यम शुरू करने के लिए प्रशिक्षित करना है।

 

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