क्यों आवश्यक है सेवा करना

By: Jul 19th, 2020 12:02 am

श्रीश्री रवि शंकर

वो लोग जो जिम्मेदारी लेते हैं, वो अकसर प्रार्थना नहीं करते और जो प्रार्थना करते हैं, वो जिम्मेदारी नहीं लेते। अध्यात्म एक ही समय में दोनों को एक साथ लाता है। सेवा, सर्विस और आध्यात्मिक अभ्यास एक दूसरे से जुड़ता हुआ आगे बढ़ता है। आप अध्यात्म की गहराई में जितना जाते हैं, आप उतना ही अधिक इससे मिलने वाले आनंद को अपने चारो ओर के लोगों से साझा करते हैं। अगर आप दूसरों की सेवा करते हैं, तो आप अपने आप योग्यता हासिल कर लेते हैं। कई लोग दूसरों की सेवा करते हैं, क्योंकि यह उनके लिए बहुत सारा लाभ लाता है। अगर लोग खुश होते हैं, तो प्रायः लोग महसूस करते हैं कि उन्होंने अतीत में अवश्य कोई सेवा की होगी। अगर आप खुश नहीं हैं, तो सेवा करें। इससे आपकी आत्मा का उत्थान होगा और यह आपको खुशी देगा। जितना अधिक आप देते हैं, उतने ही अधिक शक्ति और विपुलता से आपको सम्मानित किया जाएगा। जब हम जीवन में सेवा को सबसे अधिक प्राथमिकता देते हैं, तो यह डर को खत्म कर देता है और हमारे ध्यान को केंद्रित करता है। यह कर्म को मकसद प्रदान करता है और लंबे समय तक के लिए आनंद बनाए रखता है। जब हम सेवा करते हैं, तो यह हमारे प्राकृतिक स्वभाव और मानव मूल्यों को हममें सहज रूप से लाता है और एक ऐसे समाज के निर्माण में मदद करता है जो डर और निराशा से मुक्त हो। युवा लोगों के लिए अध्यात्म साझा करने की गुणवत्ता को सामने लाना और आत्मविश्वास को बढ़ाने के बारे में है। अगर आप में दूसरों की मदद और सेवा करने की चाहत है, तो खुद के बारे में परेशान ना हों। परमात्मा आपका ख्याल रखेंगे। धन के बारे में भी सोच कर परेशान न हों। अगर आप प्यार और कृतज्ञता से परिपूर्ण हैं, तो वहां डर के लिए कोई जगह नहीं है। सेवा अवसाद की सबसे बड़ी और सबसे प्रभावी दवा है। जिस दिन आप आशाहीन और कमतर महसूस करते हैं, तो उस दिन अपने कमरे से बाहर निकलें और लोगों से पूछें, मैं आपके लिए क्या कर सकता हूं? वह सेवा जो आप करेंगे, वह आपके अंदर एक क्रांति लाएगी। यह तब होता है जब आप पूछते हैं मैं क्यूं? या मेरे बारे में क्या? जिससे आप उदास हो जाते हैं। इसके बजाय कुछ सांस से संबंधित अभ्यास जैसे कि सुदर्शन क्रिया करें और हर रोज कुछ मिनटों के लिए चुप्पी बनाए रखने का प्रयास करें। यह आपके शरीर और मन को ऊर्जा देगा और आपकी ताकत बढ़ाएगा।

आनंद के दो प्रकार होते हैं। एक कुछ पाने की खुशी जैसे कि एक बच्चा। अगर मैं कुछ पाता हूं तो मैं खुश हो जाउंगा। अगर मुझे खिलौना मिलता है तो मैं खुश हो जाऊंगा। हम लोग प्रायः इस स्तर पर अटक जाते हैं और ऐसा प्रतीत होता है कि इससे आगे नहीं जा पाते। दूसरी प्रकार की खुशी कुछ देने में है। एक दादी अपने पोते पोतियों को मिठाइयां देकर खुश होती है। वह इस बात की परवाह नहीं करती कि उसे खुद के लिए क्या मिला है। कुछ देने की खुशी एक परिपक्व खुशी होती है। भगवान आपसे किसी भी चीज की उम्मीद नहीं करता है। जब आप कोई भी काम कोई लाभ नहीं, बल्कि केवल खुशी पाने के लिए करते हैं तो इसे ही सेवा कहते हैं। सेवा आपको उसी क्षण संतुष्टि दे देता है और यह काफी लंबे समय तक कायम भी रहता है। अपने भीतर भगवान को देखना ध्यान है और अपने आगे वाले में भगवान देखना सेवा है।

Himachal List

Free Classified Advertisements

Property

Land
Buy Land | Sell Land

House | Apartment
Buy / Rent | Sell / Rent

Shop | Office | Factory
Buy / Rent | Sell / Rent

Vehicles

Car | SUV
Buy | Sell

Truck | Bus
Buy | Sell

Two Wheeler
Buy | Sell

Polls

क्या बार्डर और स्कूल खोलने के बाद अर्थव्यवस्था से पुनरुद्धार के लिए और कदम उठाने चाहिए?

View Results

Loading ... Loading ...

Miss Himachal Himachal ki Awaz Dance Himachal Dance Mr. Himachal Epaper Mrs. Himachal Competition Review Astha Divya Himachal TV