मणिमहेश यात्रा पर प्रतिबंध, इस बार घर से ही भोले की जय-जयकार

भरमौर – कोरोना महामारी ने उत्तर भारत की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है। कोविड-19 वैश्विक महामारी के चलते इस बार यात्रा का आयोजन नहीं होगा। मणिमहेश यात्रा की धार्मिक परंपराओं और रीति-रिवाजों का निर्वहन केवल सीमित रूप से एहतियात के साथ होगा। यह फैसला भरमौर मुख्यालय में मणिमहेश यात्रा को लेकर श्री मणिमहेश ट्रस्ट की बैठक में लिया गया। विधायक जियालाल कपूर की अध्यक्षता में आयोजित सरकारी व गैरसरकारी सदस्यों की बैठक में यात्रा को फिलहाल रोकने का तर्क दिया गया। विधायक ने बताया कि प्रदेश में सभी धार्मिक स्थल वह मंदिर अभी बंद हैं और प्रदेश में भी कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। इसके चलते यात्रा के आयोजन का जोखिम नहीं उठाया जा सकता। बैठक में मणिमहेश ट्रस्ट के सभी सरकारी व गैरसरकारी सदस्यों ने भी यात्रा के आयोजन को लेकर जोखिम न उठाने का निर्णय लिया। विधायक ने कहा कि भरमौर कस्बे के सौंदर्यीकरण हेतु चौरासी मंदिर परिसर, हेलिपैड मार्ग व ददवां से लेकर नए बस स्टैंड तक स्ट्रीट लाइट्स का प्रावधान किया जा रहा है। चौरासी मंदिर परिसर के चारदीवारी के कार्य को लोक निर्माण विभाग के माध्यम से शीघ्र ही आरंभ किया जा रहा है। बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी पीपी सिंह, उपमंडलाधिकारी मनीष सोनी व मणिमहेश ट्रस्ट के सरकारी सदस्य अधिशासी अभियंता राजीव कुमार, खंड विकास अधिकारी अनिल कुमार, तहसीलदार ज्ञानचंद, पर्वतारोहण संस्थान केंद्र के प्रभारी शशिपाल व गैरसरकारी सदस्य अनिल ठाकुर, इंद्र सिंह, मोतीराम, कन्हैया लाल, हरि शरण, पुनाराम, लक्ष्मण दत्त, लक्ष्मण ठाकुर, चमन लाल, जोगिंद्र शर्मा, वकील भारद्वाज तथा विशेष रूप से आमंत्रित पंचायत समिति अध्यक्ष नीलम ठाकुर व उपाध्यक्ष अरुण कुमार मौजूद रहे।

ऐसे होगा शाही स्नान

फैसला लिया गया है कि बड़े व छोटे शाही स्नान में केवल सीमित चंबा से दशनामी अखाड़ा, चरपट नाथ व चौरासी मंदिर परिसर की छड़ी यात्रा के साथ तीन-तीन लोग डल झील तक जाएंगे। भरमौर से दस के करीब शिव चेलों को जाने की अनुमति भरमौर प्रशासन द्वारा पहचान पत्र प्रदान करने के उपरांत मिलेगी।

दुकानें लगाने पर भी रोक

मणिमहेश यात्रा अगस्त माह के श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से लेकर श्री राधाष्टमी तक चलती है। बैठक में फैसला लिया गया है कि इस बार मणिमहेश डल झील तक यात्रा पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा, जिस पर प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी। यात्रा के मार्गों में किसी भी प्रकार की दुकान लगाने की अनुमति नहीं मिलेगी। चौरासी में केवल स्थानीय दुकानदार ही दुकानें लगा पाएंगे।