पंजाब लाया अपने कृषि बिल, नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने वाला पहला राज्य

By: निजी संवाददाता — चंडीगढ़ Oct 21st, 2020 12:06 am

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंदर सिंह ने मंगलवार को केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ  विधानसभा में प्रस्ताव पारित करवाते हुए राज्य के लिए चार कृषि बिल रखे। इन ऐतिहासिक बिलों में अन्य उपबंधों के अलावा कृषि करार के अंतर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य से निचली कीमत पर धान की फसल या गेहूं की खरीद करने पर न्यूनतम तीन साल की सजा और जुर्माने, किसानों को 2.5 एकड़ तक की जमीन की कुर्की से छूट और कृषि उत्पादों की जमाखोरी और काला-बाजारी से छुटकारा पाने की व्यवस्था शामिल की गई है।

किसानों के सशक्तिकरण और सुरक्षा कीमत के भरोसे संबंधी करार और कृषि सेवाओं (विशेष उपबंध और पंजाब संशोधन) बिल- 2020 में न्यूनतम समर्थन मूल्य से निचली कीमत पर उपज बेचने-खरीदने पर सजा का उपबंध किया गया है। मुख्यमंत्री के आह्वान के बाद इन चारों बिलों को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इससे पहले मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा में पेश किए गए चार बिलों में से एक बिल के अंतर्गत एमएसपी से कम कीमत पर उपज की बिक्री-खरीद नहीं की जा सकेगी और इसका उल्लंघन करने पर उपरोक्त सजा और जुर्माना भुगतना पड़ेगा। इसी तरह किसान फसल, व्यापार और वाणिज्य प्रोत्साहित करने और आसान बनाने (विशेष व्यवस्थाएं और पंजाब संशोधन) बिल-2020 के अंतर्गत यह सुनिश्चित किया गया है कि राज्य में गेहूं या धान की फसल की बिक्री या खरीद एमएसपी से कम कीमत पर न होने को यकीनी बनाया जा सके। संशोधित बिल में नई धारा 6 से 11 शामिल करके किसानों को तंग-परेशान करने या किसानों को कम कीमत की अदायगी करने पर सजा देने की भी मांग की गई है।

 इसी दौरान, उपभोक्ताओं को कृषि उपज की जमाखोरी और कालाबाजारी से बचाने के लिए और किसानों और कृषि मजदूरों के साथ-साथ कृषि धंधों के साथ जुड़ी गतिविधियों में शामिल अन्यों की रोजी-रोटी और हितों की रक्षा के लिए राज्य सरकार द्वारा जरूरी वस्तुएं  (विशेष व्यवस्थाएं और पंजाब संशोधन) बिल- 2020 पेश किया गया है। मुख्यमंत्री द्वारा पेश किया गया चौथा बिल किसानों को 2.5 एकड़ से कम जमीन की कुर्की से राहत प्रदान करता है। इस नए संशोधन के अंतर्गत पशु, यंत्र, पशुओं के बाड़े आदि किस्मों की जायदादें कुर्की से मुक्त होंगी, परंतु अभी तक कृषि वाली जमीन की कुर्की की जा सकती है। कृषि के ठेकों को लागू करने के नतीजे के तौर पर या अपनी जमीन की कुर्की फरमान संबंधी किसानों के अंदेशे के मद्देनजर राज्य सरकार इस बिल के द्वारा छोटे किसानों और अन्यों को 2.5 एकड़ तक की जमीन की कुर्की या फऱमान से पूरी छूट देने की मांग कर रही है।

बर्खास्त किए जाने का डर नहीं

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंदर सिंह ने विधानसभा में केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ  विधेयक पेश करते हुए कहा कि उन्हें इस बात का डर नहीं है कि उनकी सरकार को बर्खास्त किया जा सकता है, क्योंकि वह हमेशा इस्तीफा जेब में ही रखते हैं। कैप्टन ने केंद्र सरकार के कानूनों को गैर संवैधानिक बताते हुए कहा कि वह किसानों को बर्बाद नहीं होने देंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में स्थिति बिगड़ती है तो चीन और पाकिस्तान इसका फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि 80 और 90 के दशक में भी यही हुआ था, जब सिख उग्रवाद ने पंजाब को शिकंजे में ले लिया था।

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