हिमाचल के प्रसिद्ध लोक गायक गद्दियाली नाटी किंग सुनील राणा ने अपनी संस्कृति को जीवंत करने के साथ ही सहेजने के लिए अनूठा कार्य किया है। सुनील राणा ने अपने श्रीकृष्ण लीला नुआला भजनों की लड़ी को अपने यू-ट्यूब चैनल शैफर्ड हारमनी में रिलीज किया है। अब नुआला कृष्ण लीला को लोग व युवा पीढ़ी भी पंसद करने लगे हैं। संस्कृति व श्रीकृष्ण जन्म भजन की प्रासंगिकता को बनाए रखने को अनूठी पहल भी की गई है। प्रासंगिकता बनाए रखने को एक साथ नौ भजनों को अपलोड किया है। बड़ी बात यह है कि भजनों के माध्यम से किए गए वर्णन में कई गीत 26 मिनट के भी हैं। अब शादियों व नुआले के कार्यक्रम भी कोरोना काल के बाद शुरू हो गए हैं। ऐसे में लोगों को आसानी से अपने पारंपरिक गीत उपलब्ध हो जा रहे हैं।
20 साल से संस्कृति सहेजने का प्रयास
गायक सुनील राणा का कहना है कि पिछले 20 सालों से भी अधिक समय से उनकी टीम शैफेर्डस हारमनी संस्कृति को सहेजने का कार्य कर रही हैं। इसके तहत ही टीम ने इस बार गद्दी जनजाति के लोक भजन श्रीकृष्ण लीला, जिसे लोक उत्सव नुआला में बड़ी ही धूमधाम से गाया जाता है, को प्रस्तुत किया है। नौ भाग में रिलीज किए गए भजनों में पहला भाग महाराजो सुरग लौके कुण राजै कारागृह प्रसंग, भाग-दो काहन राजै जन्म लैया श्री कृष्ण भगवान का जन्म, भाग-तीन बालक छजडि़या पाया कृष्ण को गोकुल ले जाना, भाग-चार अंगणे खडौते साधु अलख जगाया भगवान शिव व पार्वती का कृष्ण दर्शन को आना, भाग-पांच माता यशोदा पूजना बैठी कालिया नाग प्रसंग, भाग-छह उंच्चे-उंच्चे ठैडहुए कृष्ण का बासुंरी वादन, भाग-सात काहन राजा बड़ा हुजती मथुरा युद्ध के लिए माता यशोदा के साथ वार्तालाप, भाग-आठ पहलिया मलिया कुण चुलंदा कंस के साथ युद्ध और भाग-नौ में गुजरिया-गुजरेटडि़यो श्रीकृष्ण रास लीला का वर्णन बहुत खूबसूरती के साथ किया गया है।