देव दीपावली : देवताओं के धरती पर आने का दिन

By: Dec 2nd, 2020 12:27 am

देव दीपावली दिवाली के 15 दिन बाद मनाई जाती है। माना जाता है कि इस दिन देवता धरती पर आकर पवित्र गंगा नदी के किनारे दीप जलाते हैं। इस दिन शिव और विष्णु की पूजा की जाती है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को देव दीपावली का त्योहार मनाया जाता है। पुराणों के अनुसार इसी दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नाम के राक्षस का वध किया था। इसी कारण से इसे त्रिपुरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस बात की खुशी को दर्शाने के लिए देव दीपावली के दिन सभी देवता धरती पर आकर गंगा किनारे दीप प्रज्वलित करते हैं और इसी कारण से हर साल देव दीपावली का त्योहार मनाया जाता है…

तिथि

कार्तिक पूर्णिमा वर्ष 2020 में 30 नवंबर को मनाई जाएगी। कार्तिक मास का समापन पूर्णिमा के साथ ही हो जाएगा। कार्तिक मास की पूर्णिमा के दिन ही देवताओं की दीपावली होती है। देवोत्थान एकादशी के दिन देवता चार महीने सोने के बाद उठते हैं और उनके उठने की खुशी में ही कार्तिक पूर्णिमा के दिन देव दीपावली मनाई जाती है, लेकिन 2020 में पूर्णिमा का प्रारंभ 29 नवंबर से ही हो रहा है, इसलिए देव दीपावली इस बार 29 नवंबर को ही मनाई जाएगी, जबकि दान-पुण्य और पूजा आदि पूर्णिमा का 30 नवंबर को होगा।

कार्तिक पूर्णिमा तिथि

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ : 29 नवंबर 2020 दोपहर 12 बजकर 47 मिनट से प्रारंभ होकर अगले दिन 30 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 59 मिनट तक रहेगी। क्योंकि 30 की रात में पूर्णिमा नहीं होगी, इसलिए देव दीपावली 29 को होगी और पूर्णिमा रात से शुरू हो रही है तो पूर्णिमा की पूजा 30 नवंबर को होगी। कार्तिक पूर्णिमा का उत्सव प्रबोधिनी एकादशी से शुरू होता है।

महत्त्व

कार्तिक पूर्णिमा के दिन व्रत करने और दान-पुण्य करने का विशेष महत्त्व होता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत-पूजन और दान करने से पापों की मुक्ति होती है और घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है। कार्तिक पूर्णिमा धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि कार्तिक पूर्णिमा का व्रत और पूजन करने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। धार्मिक आयोजन और आध्यात्मिक तपस्या करने के लिए कार्तिक पूर्णिमा को सबसे पवित्र दिन माना गया है। माना जाता है कि कार्तिक में पूरे मास गंगा स्नान और दान आदि करने से 100 अश्वमेघ यज्ञ के समान पुण्य प्राप्त होता है।

देव दीपावली पूजा विधि

देव दीपावली के दिन साधक को गंगा स्नान अवश्य करना चाहिए और स्नान के बाद साफ  वस्त्र धारण करने चाहिए। इस दिन भगवान शिव और भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। लेकिन इनकी पूजा से पहले भगवान गणेश की विधिवत पूजा अवश्य करें। भगवान शिव को इस दिन पूजा में पुष्प, घी, नैवेद्य, बेलपत्र अर्पित करें और भगवान विष्णु को पूजा में पीले फूल, नैवेद्य, पीले वस्त्र, पीली मिठाई अर्पित करें। इसके बाद भगवान शिव और भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करें और देव दीपावली की कथा सुनें।

कथा सुनने के बाद भगवान गणेश, भगवान शिव और भगवान विष्णु की धूप व दीपक से आरती उतारें। अंत में शिव और विष्णु को मिठाई का भोग लगाएं और शाम के समय गंगा घाट पर दीपक जलाएं। यदि आप ऐसा नहीं कर सकते तो अपने घर के मुख्य द्वार पर तो दीपक अवश्य जलाएं।

Himachal List

Free Classified Advertisements

Property

Land
Buy Land | Sell Land

House | Apartment
Buy / Rent | Sell / Rent

Shop | Office | Factory
Buy / Rent | Sell / Rent

Vehicles

Car | SUV
Buy | Sell

Truck | Bus
Buy | Sell

Two Wheeler
Buy | Sell

Polls

क्या शांता कुमार की तरह आप भी मानते हैं कि निजी अस्पताल ही बेहतर हैं?

View Results

Loading ... Loading ...

Miss Himachal Himachal ki Awaz Dance Himachal Dance Mr. Himachal Epaper Mrs. Himachal Competition Review Astha Divya Himachal TV