कृषि कर्मचारी भी बनें फ्रंटलाइन वर्कर, हिमाचल कृषि सेवाएं संघ ने सरकार से लगाई आस

By: May 30th, 2021 12:06 am

स्टाफ रिपोर्टर — सोलन

हिमाचल प्रदेश कृषि सेवाएं संघ (हिपासा)-प्रथम श्रेणी ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से कृषि विभाग के सभी कर्मचारियों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित किए जाने की मांग की है। संघ का कहना है कि कृषि विभाग के कर्मचारियों विशेषकर कृषि उपज मंडी में कार्यरत कर्मचारी पिछले एक वर्ष से लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कोरोना महामारी की इस विकट स्थिति में भी कृषि उपज मंडियां खुली रही हैं और पूर्व की तरह इन मंडियों में करोड़ों रुपए का कारोबार हुआ है। ऐसे में संघ मांग करता है कि कर्मचारियों को फ्रंटलाइन वर्कर की श्रेणी प्रदान की जाए और कर्मचारियों व उनके परिवार की सुरक्षा को देखते हुए जल्द से जल्द प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन लगाए जाने का प्रावधान किया जाए।

हिमाचल प्रदेश कृषि सेवाएं संघ (हिपासा)-प्रथम श्रेणी के प्रदेशाध्यक्ष डा. रविंद्र शर्मा ने कहा कि गत वर्ष कोरोना की पहली लहर के दौरान जब पूरा प्रदेश व देश लॉकडाउन के चलते बंद पड़ा था, तब भी कृषि उपज मंडियों में कार्यरत कर्मचारी निस्वार्थ भाव से अपना कार्य कर रहे थे। इस कठिन समय में भी प्रदेश के कृषि मंत्री की अगवाई में व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के निर्देशों के बीच सभी मंडियां, कृषि विक्रय केंद्र और किसानों के सेवार्थ कार्यालय खुले रहे। कृषि संबंधित सभी सामग्री को किसानों व उपभोक्ताओं तक पहुंचाया। गेहूं प्रिक्योरमेंट का रिकार्ड तोड़ कार्य किया गया। बीज व खाद जनता के घर-द्वार तक पहुंचाया गया। कोरोना संक्रमण के चलते कृषि विभाग के चार कर्मचारी कोरोना योद्धा के रूप में अपनी जान से हाथ गंवा बैठे। डा. शर्मा ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से अपील की है कि कर्मचारियों व उनके परिवारों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें फ्रंटलाइन वर्कर घोषित किया और प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन लगवाई जाए।