टनल में रिसाव से जमीन में दरारें, भरमौर में बजोली-होली हाइड्रो प्रोजेक्ट की टेस्टिंग से ग्रामीणों में दहशत

By: Dec 29th, 2021 12:06 am

भरमौर में बजोली-होली हाइड्रो प्रोजेक्ट की टेस्टिंग से ग्रामीणों में दहशत, एक मकान भी जर्जर

अजय शर्मा—भरमौर

बजोली-होली हाइड्रो प्रोजेक्ट की टनल टेस्टिंग के बीच सोमवार रात को रिहायशी क्षेत्र में भी रिसाव आरंभ हो गया है। इसके चलते एक मकान में दरारें आ गई है, जबकि एक अन्य मकान के भी जमींदोज होने का खतरा बन गया है। इस बीच एक सेब बागीचे में जमीन फटने से बड़ी-बड़ी दरारें उभर आई हैं। इसके चलते झड़ौता के ग्रामीणों के बीच खौफ बढ़ गया है। नतीजतन अब थकहार कर ग्रामीणों ने एडीएम भरमौर की चौखट पर न्याय की गुहार लगाने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार रात को सैनी राम तथा शक्ति प्रसाद घर के पास पानी का नई धाराएं फूट पड़ी, जबकि रात को चैन सिंह के घर पास बड़ी-बड़ी दरारें आई है। सेब के बागीचे में जमीन फट रही है। इसके चलते पूरा झडौता गांव के लोगों में खौफ पैदा हो गया है। हालात यह है कि ग्रामीणों की रातें अब जाग कर कट रही है। पीडि़तों ने बताया कि गत दिनों कंपनी के अधिकारियों की मौजूदगी में मौके का दौरा किया था।

इस दौरान वहां पानी का रिसाव नहीं हो रहा था। मगर मंगलवार को मौके पर भारी मात्रा में कई स्थानों पर पानी का रिसाव होना पाया गया है। हालात यह है कि कुछ मकानों के भीतर तक पानी पहुंच गया है और जमीन भी दलदली हो चुकी है। एक जगह पर जमीन में बड़ी और गहरी दरार उभर कर सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी प्रबंधन ग्रामीणों को झूठे आश्वासन देकर गुमराह कर रहा है, जबकि रिसाव को रोकने के लिए अभी तक कोई भी कदम नहीं उठाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां पैदा इन हालातों के बीच रात की नींद भी उड़ गई है और जाग कर रातें काटनी पड़ रही है। उनका कहना है कि कंपनी की ओर से अभी भी टनल में पानी भरकर इसकी टेस्टिंग नहीं रोकी है। (एचडीएम)

जल्द एक्शन न लिया, तो करेंगे आंदोलन

ग्रामीणों ने ताजा हालातों के चलते मंगलवार को एक बैठक कर अब एडीएम भरमौर के समक्ष हाजिरी लगा न्याय की गुहार लगाने का फैसला लिया है। इसके चलते ग्रामीण बुधवार को भरमौर में ज्ञापन सौंपेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि उनके साथ हो रहे अन्याय में अगर प्रशासन व सरकार का भी साथ नहीं मिलता है तो वे आंदोलन का झंडा उठाकर धरने पर बैठ जाएंगे। इसके लिए सरकार व प्रशासन तथा कंपनी जिम्मेदार होगी।