पंजाब राइट टू बिजनेस रूल्ज 2020 में होगा संशोधन, मंत्रिमंडल की बैठक में व्यापार को आसान बनाने को दी मंजूरी

By: Jun 25th, 2022 12:06 am

मंत्रिमंडल की बैठक में व्यापार को आसान बनाने को दी मंजूरी

चंडीगढ़, 24 जून (ब्यूरो)

राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व अधीन पंजाब कैबिनेट ने शुक्रवार को मौजूदा औद्योगिक इकाइयों (एमएसएम इज़) के विस्तार को ‘पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट, 2020 के घेरे तहत लाने के लिए ‘पंजाब राइट टू बिजऩेस रूल्ज, 2020 में संशोधन को मंजूरी दे दी। इस संबंधी फ़ैसला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता अधीन यहां पंजाब सिविल सचिवालय.1 में मंत्री समूह की हुई मीटिंग में लिया गया। अन्य विवरण सांझा करते हुये मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि राज्य में व्यापार को आसान बनाने के लिए 6 फरवरी, 2020 को पंजाब राइट टू बिजऩस एक्टए 2020 नोटिफाई किया गया था और इसके बाद पंजाब राइट टू बिजनेस रूल्ज, 2020 को 29 जुलाई 2020 को नोटिफाई किया गया। यह नियम पंजाब की नई, लघु, छोटी और मध्यम औद्योगिक इकाइयों (एमएसएम इज) पर लागू होते थे, परंतु राइट टू बिजनेस एक्ट, 2020 का यह नया संशोधन राज्य में मौजूदा एमएसएम इज को अपने विस्तार के लिए तेज़ी से मंजूरियां, छूटों और स्वघोषणा का मौका मुहैया करेगी। इस अहम कदम से अपने विस्तार में लगे सभी मौजूदा कारोबारी अदारों को इस एक्ट के अधीन सात सेवाओं की सैद्धांतिक मंजूरी के लिए सर्टिफिकेट हासिल करने के योग्य बनाएगा।

इस संशोधन के मुताबिक विस्तार कर रही मौजूदा एमएसएम इज सैद्धांतिक मंजूरी का सर्टिफिकेट जारी होने के बाद अपने विस्तार को तेजी के साथ मुकम्मल करने के योग्य बनेगी। इसके लिए फोकल प्वाइंटों में सैद्धांतिक मंजूरी पांच कामकाजी दिनों और फोकल प्वाइंटों से बाहर 20 कामकाजी दिनों में मिलेगी। मंत्रिमंडल ने पंजाब जल स्रोत खोज, गु्रप ए सर्विसेज़ रूल्ज. 2022 तैयार करने के लिए हरी झंडी दे दी है। पंजाब जल स्रोत विभाग की प्रशासनिक ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए खोज अफसरों के 9 पद और सहायक खोज अफसरों के 26 पद स्वीकृत किए गए हैं, परंतु मौजूदा नियमों में सीधी या तरक्की कोटे के अनुपात के बारे कुछ स्पष्ट नहीं है। इस कदम के साथ विभाग की प्रशासकीय ज़रूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी, जिससे लोगों को और बेहतर ढंग से सहूलियतें मुहैया करवाई जा सकें। मंत्रिमंडल ने बिल्डिंग फिसकल एंड इंस्टीच्यूशनल रीसायलेंस फॉर ग्रोथ प्रोजेक्ट के लिए विचार चर्चा और भारत सरकार के वित्त मामलों संबंधी विभाग और विश्व बैंक (निर्माण और विकास के लिए अंतरराष्ट्रीय बैंक) के साथ करारनामा करने की मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट से राज्य सरकार को अगले पांच सालों में राज्य भर और शहरी स्तर में प्रमुख सुधारों के लिए मदद मिलेगी और पांच विभाग लागूकरण वाली एजेंसियों के तौर पर काम करेंगे।

पंजाब कैबिनेट ने डीपीआई कालेज की साल 2017-18, 2018-19, 2019-20 और 2020-21, भाषा विभाग पंजाब की साल 2016-17, 2017-18, 2018-19, 2019-20 और 2020-21 की सालाना प्रशासनिक रिपोर्टों को भी मंज़ूरी दे दी। इसके अलावा पर्यटन, सांस्कृतिक मामले, पुरातत्व और अजायबघर विभाग की साल 2020-21 की सालाना प्रशासनिक रिपोर्टों को स्वीकृत कर लिया है।

अधीनस्थ अदालतों के लिए 810 पद सृजित

मंत्रिमंडल ने राज्य की अधीनस्थ अदालतों के लिए 810 पद सृजित करने के लिए मंजूरी दे दी है, जिनमें सहायक स्टाफ के अलावा अतिरिक्त जि़ला और सेशन जजों के 25 पद और सिविल जज (जूनियर डिवीजऩ. कम ज्यूडीशियल के 80 पद शामिल हैं। इस कदम से राज्य में नई अदालतों के गठन में महत्त्वपूर्ण सहायता मिलेगी, जिससे अधीनस्थ अदालतों में बकाया अदालती मामलों के तेज़ी से निपटारे के साथ लोगों को सुविधा मिलेगी। इन नए पदोंं से नौजवानों को रोजग़ार के नए मौके मिलेंगे और राज्य की न्याय प्रणाली और मज़बूत होगी।

पंजाब कृषि उत्पाद मंडी एक्ट में संशोधन

मंत्रिमंडल ने पंजाब कृषि उत्पाद एक्ट की धारा 12 में संशोधन करने की मंजूरी दे दी है, जिससे मौजूदा समय नामज़द मार्केट कमेटियों को भंग करके नए प्रशासक नियुक्त करने की व्यवस्था की गई है। इस फ़ैसले के मुताबिक राज्य सरकार भंग की मार्केट कमेटियों की जगह पर प्रशासक नियुक्त करेगी, जो एक साल के समय के लिए या नई मार्केट कमेटियों की नामांकनों तक, जो भी पहले हो, ड्यूटी निभाते हुए अपनी शक्तियों का प्रयोग करेंगे। बता दें कि राज्य में 156 मार्केट कमेटियां हैं, जिनमें चेयरमैन, उप चेयरमैन और मैंबर नामज़द किए जाते हैं, परंतु सरकार की नीतियों और प्रोग्रामों को तेज़ी से लागू करने के लिए मौजूदा कमेटियां भंग करके नए प्रशासकों की नियुक्ति करने का फैसला लिया।