हिमाचली छात्रों ने बना लिए रोबोट; आईआईटी मंडी का प्रयास, ब्लूटूथ से चलने वाली कार भी बनाई

By: Jul 27th, 2022 12:06 am

आईआईटी मंडी का प्रयास; तीन हफ्तों में दी ट्रेनिंग, ब्लूटूथ से चलने वाली कार भी बनाई

दिव्य हिमाचल ब्यूरो-मंडी

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी के सतत् शिक्षा केंद्र सीसीई ने प्रदेश कौशल विकास निगम शिमला के सहयोग से रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर पहला स्कूल कैंप प्रयास (1.0) हिमाचली प्रतिभाओं को सुनहरे अवसर देने का रास्ता बन गया है। पहले ही कैंप में प्रदेश भर से आए 100 होनहार विद्यार्थियों ने तीन हफ्तों की टे्रनिंग के बाद ही एक लाइन पर चलने में सक्षम रोबोट, बाधा से बचकर चलने में सक्षम रोबोट और फिर ब्लूटूथ नियंत्रित कार बनाने की सक्षमता प्राप्त कर ली है। इसके साथ ही छात्र प्रोसेसिंग सेंसर डेटा और पायथन लैंग्वेज में सक्षम बनने की और अग्रसर हो गए हैं। आईआईटी मंडी के कैंपस में इस आवासीय कैंप का आयोजन पहली जुलाई से 22 जुलाई तक किया गया। इसमें 100 विद्यार्थियों ने रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बुनियादी जानकारी प्राप्त की।

प्रोप्त लक्ष्मीधर बेहरा निदेशकए आईआईटी मंडी ने कहा कि मैं चाहता हूं कि आने वाले समय में आईआईटी मंडी में हिमाचल के विद्यार्थियों का अनुपात कम से कम 50 प्रतिशत हो। इसलिए स्कूली बच्चों को शुरुआती दौर में ही कौशल विकसित करने को प्रोत्साहित करता हूं और चाहता हूं कि वे इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठायें। प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने हिमाचल के विद्यार्थियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स पर समर कैंप के आयोजन पर गर्व की अभिव्यक्ति की। कम उम्र के विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने अपने पिछले अनुभव के कई दिलचस्प किस्से साझा किए। सेंटर फॉर कंटिन्यूइंग एजुकेशन आईआईटी मंडी के प्रमुख डा. तुषार जैन ने कहा कि प्रयास 1.0 के साथ हिमाचल प्रदेश में प्रौद्योगिकी कौशल के विकास का नया दौर शुरू हो गया है।