कान्ट्रैक्ट पर रखे जाएंगे प्री-नर्सरी टीचर, मुख्यमंत्री के निर्देश पर शिक्षा सचिव ने एनटीटी भर्ती पर की बैठक

By: Aug 6th, 2022 12:06 am

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के निर्देश पर शिक्षा सचिव ने एनटीटी भर्ती पर की बैठक

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — शिमला

हिमाचल में प्री नर्सरी टीचर के करीब 4800 पद भरने के लिए शिक्षा सचिव मनीष गर्ग ने एलिमेंटरी शिक्षा विभाग के साथ शुक्रवार को बैठक की। इस बैठक के बाद विभाग से भर्ती नियमों पर एक ड्राफ्ट मांगा गया है, जो कल तक सबमिट हो जाएगा। शिक्षा सचिव ने यह भर्ती एनसीटीई के वर्तमान प्रावधानों के तहत करने को कहा है, इसलिए इसमें आउटसोर्स के बजाय अनुबंध पर यह भर्तियां हो सकती हैं। यानी कैबिनेट के सामने रखे जाने वाले ड्राफ्ट में यह सिफारिश की जा सकती है कि इन भर्तियों को कांट्रेक्ट के आधार पर ही किया जाए, लेकिन यदि ऐसा हुआ तो अगले दो महीने में चुनाव आचार संहिता से पहले या भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाएगी। एनटीटी के डिप्लोमा की अवधि को लेकर भी क्राफ्ट में तभी क्लियर हो पाएगा जब यह सामने आएगा। एनसीटीई ने एक साल के डिप्लोमा को मान्यता नहीं दी है। हालांकि विभाग की ओर से बनाए जाने वाले ड्राफ्ट को कैबिनेट में रखा जाना है और वहीं इस पर अंतिम फैसला होगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के अनुसार राज्य सरकार एनटीटी, डीईसीई और डीएलएड के अलावा आंगनबाड़ी को भी इस भर्ती में कोटा देना चाहती है। इससे पहले भी पूर्व के दो शिक्षा सचिवों के समय भी इस बात पर चर्चा हो चुकी है, लेकिन भर्ती नियम फाइनल नहीं हो पाए। दरअसल प्री नर्सरी भर्ती के लिए समग्र शिक्षा अभियान के तहत राज्य सरकार के पास पैसे हैं। स्कूलों में 50000 से ज्यादा बच्चे प्री नर्सरी में एनरोल हुए हैं, लेकिन इन्हें देखने और पढाने के लिए शिक्षक नहीं हैं। इधर, बेरोजगार नर्सरी टीचर ट्रेनिंग वाली महिलाएं बार-बार राज्य सरकार के पास आकर इस भर्ती को जल्द करने की मांग कर रही हैं। दो बार यह महिलाएं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से भी मुलाकात कर चुकी हैं, लेकिन अभी तक इस मामले में भर्ती नियम फाइनल नहीं हो पाए थे। अब देखना है कि अगली कैबिनेट में शिक्षा सचिव मनीष गर्ग क्या इस ड्राफ्ट को मंत्रिमंडल के सामने पहुंचा पाते हैं या नहीं?

बढ़ाई जाएं पावर इंजीनियर की शक्तियां

शिमला – पावर इंजीनियर एसोसिएशन की एक बैठक वित्त विभाग के साथ हुई है। बैठक में पावर इंजीनियर ने मांग की है कि उनकी शक्तियां जो छीन ली गई हैं उन्हें दोबारा बहाल किया जाए। इंजीनियर एसोसिएशन के अध्यक्ष लोकेश ठाकुर ने कहा कि फील्ड में कार्यरत इंजीनियर की शक्तियां छीन ली गई है इसकी वजह से बर्फबारी या अन्य कारणों से बिजली बंद होती है तो उसे बहाल करने में अतिरिक्त समय लग रहा है।