जाते-जाते हिमाचल को रुला रहा मानसून; सेब सीजन पर खासा असर, फसलों को भी नुकसान

By: Sep 23rd, 2022 11:01 am

शिमला। हिमाचल प्रदेश में अभूतपूर्व बारिश ने से केवल संपत्तियों को भारी नुकसान हुआ है और इससे न केवल सडक़ संपर्क बाधित हुआ है, बल्कि जनजीवन भी पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि चंबा जिला की होली तहसील के अंतर्गत ग्रोंडा गांव के फेर नाला में बादल फटने से तीन लोगों की 55 भेड़ और बकरियां बह गईं।

बचाव और राहत टीमों ने मलबे के नीचे दबे जानवरों को पता लाया। बारिश से हुए नुकसान का राजस्व अधिकारियों की टीम ने जायजा भी लिया। आम तौर पर हिमाचल में 20 सितंबर तक दक्षिणपंथी मानसून की वापसी होती है। इस बार हालांकि बारिश में देरी से खरीफ फसलों की फसल प्रभावित हुई हैं। गुरुवार रात तक करीब 30 सडक़ें और 119 वितरण पारेषण लाइनों की बिजली आपूर्ति बारिश से प्रभावित रही।

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान शनिवार तक हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। पहाड़ी राज्य के सभी स्थानों पर लगातार बारिश दर्ज की गई, जिससे गुरुवार को पेड़ उखड़ गए और सेवाएं बाधित हो गईं। चौथ के लिए शिमला की पुरानी आईएसबीटी शिमला-खालिनी सडक़ें आंशिक रूप से प्रभावित हुईं, क्योंकि एक विशाल देवदार के पेड़ ने राज्य वन मुख्यालय कार्यालय के पास मुख्य सडक़ को अवरुद्ध कर दिया। बाद में रास्ता साफ कर दिया गया। मानसून के अंतिम चरण में अचानक तेज वृद्धि से शिमला और किन्नौर जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब की कटाई का मौसम प्रभावित हुआ है, क्योंकि कई संपर्क मार्ग बंद हो गए थे। नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ा है, लेकिन फिलहाल सभी खतरे के निशान से नीचे हैं।