पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र 27 को, भगवंत मान बोले, राज्यपाल के फैसले के खिलाफ जाएंगे सुप्रीम कोर्ट

By: Sep 23rd, 2022 12:06 am

मुख्यमंत्री भगवंत मान बोले, प्रदेश के विभिन्न मुद्दों पर होगा विचार

विशेष सत्र की पहले मंजूरी देकर बाद में रद्द करने का फैसला मनमाना
दिव्य हिमाचल ब्यूरो — चंडीगढ़
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि राज्य सरकार ने अलग-अलग मसलों पर चर्चा करने के लिए 27 सितंबर को पंजाब विधानसभा का सत्र बुलाने का फैसला किया है। श्री मान ने कहा कि विधानसभा के विशेष सत्र की पहले मंजूरी देकर बाद में रद्द करने के राज्यपाल के मनमाने और लोकतंत्र विरोधी फैसले के खिलाफ राज्य सरकार उच्चतम न्यायालय में गुहार लगाएगी। यह दुर्भाग्यपूर्ण फैसला है और वह इस तर्कहीन फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। लोकतांत्रिक अधिकारों और राज्यों के संघीय अधिकारों की रक्षा के लिए इस फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। उन्होंने भाजपा के ‘ऑपरेशन लोटस’ की हिमायत करने के लिए पंजाब कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस इस मामले में भगवा पार्टी के साथ खड़ी रही है।

लोकतांत्रिक ढंग से चुनी हुई सरकार को अपदस्थ के इस काम के लिए कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा ने हाथ मिला लिए हैं। कांग्रेस और भाजपा ने क्षेत्रीय पार्टियों को हाशिए पर धकेल दिया है और वह अब चाहते हैं कि सत्ता सिर्फ इन दोनों पार्टियां के पास ही बनी रहनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) का उदय ही भ्रष्टाचार-विरोधी मुहिम से हुआ और अरविंद केजरीवाल की अगवाई में पार्टी हर दिन आगे बढ़ रही है। वह हरेक अलोकतांत्रिक कदम का विरोध करेंगे और दबाव के हथकंडों के आगे नहीं झुकेंगे। पंजाब देश के लोगों को यह संदेश देगा कि लोकतंत्र में कोई व्यक्ति विशेष नहीं, बल्कि लोग सबसे ऊपर होते हैं।