नाहन शहर में सूखे पेड़ बने मुसीबत

By: Nov 30th, 2022 12:20 am

गुन्नूघाट बस स्टाप और रानीताल गेट के पास सूखी टहनियां दे रहीं हादसों को न्योता

सूरत पुंडीर – नाहन
जिला सिरमौर के मुख्यालय नाहन शहर के विभिन्न हिस्सों में आबादी वाले क्षेत्र में खड़े सूखे व बूढ़े पेड़ हादसों को न्योता दे रहे हैं। हालत यह है कि नाहन शहर के लोगों को राह चलते जहां तेज रफ्तार वाहनों से खतरा रहता है तो वहीं सडक़ व गलियों के किनारे खड़े सूखे पेड़ भी किसी भी पल जानलेवा साबित हो सकते हैं। नाहन शहर के विभिन्न हिस्सों में कई पेड़ ऐसे हैं जो दशकों पुराने हैं तथा उनमें से कुछ पेड़ बूढ़े होने के कारण पूरी तरह से सूख चुके हैं।

ऐसे में यदि समय रहते इन वृक्षों को नहीं काटा गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। यही नहीं राह चलते स्कूली बच्चे, महिलाएं व बुजुर्ग लोग जहां ऐसे पेड़ों के समीप से गुजरने से भी कतराते हैं तो वहीं सडक़ पर चलने वाले वाहन चालक व वाहनों को भी बड़ा खतरा बने हुए हैं। नाहन शहर की यदि बात की जाए तो शहर के गुन्नूघाट स्थित बस स्टॉप पर नाहन शहर का एकमात्र व दशकों पुराना नीम का पेड़ पूरी तरह से सूख चुका है। अकसर इसकी टहनियां सडक़ पर टूट कर गिरती रहती हैं। रही सही कसर इस पेड़ पर चढक़र खुरापाती बंदर निकाल देते हैं। नीम के इस सूखे पेड़ के नीचे नाहन, पांवटा, देहरादून, कालाअंब आदि क्षेत्रों को जाने वाली तमाम बसें रूकती हैं। दिन भर इस बस स्टॉप पर सैकड़ों की संख्या में यात्री पेड़ के नीचे व रेन शैल्टर के पास बस के इंतजार में खड़े रहते हैं।

ऐसे में किसी भी समय पेड़ की बड़ी-बड़ी शाखाएं गिरकर जानलेवा साबित हो सकती हैं। गौर हो कि नाहन शहर में बंदरों की समस्या भी अहम है तथा बंदर अकसर इन पेड़ों पर उछलकूद करते हैं। शहर के लोगों में शामिल अंजुमन शेख, कैप्टन सलीम अहमद, प्रकाश जैन, गगन गर्ग, राकेश गर्ग, सुनील, राममोहन, मोनू, संजय गर्ग, राजेश आदि ने बताया कि गुन्नूघाट बस स्टॉप व रेन शैल्टर के समीप सूखा व दशकों पुराना नीम का पेड़ वर्तमान में किसी बड़े खतरे से खाली नहीं है। ऐसे में जिला प्रशासन व नगर परिषद तुरंत इस पेड़ को काटने की प्रक्रिया आरंभ करे। इसके अलावा रानीताल के बड़े गेट के साथ लगती नगर परिषद की दुकानों के साथ भी एक विशालकाय सूखा पेड़ हादसों को न्योता दे रहा है। इस पेड़ के साथ नगर परिषद की करीब आधा दर्जन दुकानें हैं। साथ ही दोपहिया वाहन रिपेयर की दुकान करने वाले व्यक्ति ने बताया कि अकसर उनकी दुकान पर आने वाले वाहन चालकों पर पेड़ की सूखी टहनियों के गिरने का खतरा बना रहता है। इस बारे में नगर परिषद को भी शिकायत पत्र दिया जा चुका है। इसके अलावा चौगान के आसपास भी बड़े-बड़े पेड़ के आधे हिस्से सूख चुके हैं। साथ ही न्यायालय परिसर व उपायुक्त कार्यालय की ओर जाने वाले मार्ग, विल्ला राउंड, कालीस्थान तालाब, कच्चा टैंक आदि क्षेत्रों में भी करीब आधा दर्जन बड़े-बड़े व पुराने वृक्ष ऐसे हैं जो सूखकर हादसों को न्योता दे रहे हैं। शहर के लोगों ने इस मामले में जिला प्रशासन व नगर परिषद से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। (एचडीएम)