विभाग की लेट-लतीफी मरीजों पर पड़ रही भारी

By: Nov 27th, 2022 12:56 am

उद्घाटन के डेढ़ माह बाद भी शुरू नहीं हो पाया मातृ-शिशु अस्पताल, लोग हो रहे तंग

नगर संवाददाता- ऊना
क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के साथ नवनिर्मित मातृ शिशु अस्पताल उदघाटन के डेढ महीने बाद भी रोगियों के लिए शुरु नहीं हो पाया है। चुनाव से पहले ऐन मौके पर सीएम जयराम ठाकुर ने मातृ शिशु अस्पताल का शुभारंभ किया था। उदघाटन से पहले संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा इस भवन के निर्माण कार्य को मुक्कमल करवाने के लिए भी भारी जददोजहद भी की थी, लेकिन उद्घाटन के डेढ माह बीत जाने के बाद भी अस्पताल प्रशासन इस भवन में रोगियों को शिफ्ट नहीं कर पाया है। कारण है इस भवन में अभी भी लैब को शुरु करने के लिए निर्माण कार्य प्रगति पर है। इस भवन में लिफ्ट भी नहीं लग पाई है। यहीं नहीं अस्पताल में पानी का कनेक्शन तक नहीं हो पाया है। हालांकि अस्पताल प्रशासन के पास भवन में लगाने के लिए पर्याप्त मात्रा में फर्नीचर का सामान पहुंच चुका है। अन्य उपकरण भी आ चुके हैं। गौरतलब है कि सात अक्तूबर 2022 को सीएम जयराम ठाकुर ने मदर चाइल्ड केयर सेंटर के भवन का लोकार्पण किया था। ऐसे में रोगियों में भी इस अस्पताल के शुरु होने से बेहतर ईलाज होने की उम्मीद जगी थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन डेढ माह बीत जाने के बाद भी इस नए भवन में रोगियों को शिफ्ट नहीं कर पाया। ऐसे में रोगियों को भारी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। नए भवन में अभी भी लैब रुम में कार्य चल रहा है। इसके अलावा बिल्डिंग में पानी का कनैक्शन तक नहीं हो पाया है। पुरानी ओपीडी व वार्ड में पर्याप्त मात्रा में बेड नहीं होने के कारण कई बार महिला रोगियों को को अन्य मरीजों के साथ बेड शेयर करने पड़ रहे है।

मातृ शिशु अस्पताल में होगी 100 बेड की सुविधा
क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के साथ ही 28 करोड़ रुपये की लागत से मातृ-शिशु अस्पताल बनाया गया है। पांच मंजिला इस भवन में क्षेत्रीय अस्पताल के गायनी ओपीडी को भी यहां शिफ्ट किया जाएगा। अस्पताल में 100 बेड की सुविधा रहेगी। यहां प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा की बेहतर देखभाल की जाएगी। यह अस्पताल सभी सुविधाओं से लेस रहेगा। इसके अलावा शिशु रोग विशेषज्ञों की एक विशेष टीम को भी अस्पताल में 24 घंटे तैनात किया जाएगा।

आरएच के गाइनी वार्ड में 20 बेड की सुविधा
क्षेत्रीय अस्पताल में ही गायनी ओपीडी, लेबर रूम में 20 बेड की व्यवस्था है, जोकि नाकाफी है। इस दौरान आपातकाल में गायनी ओपीडी में तैनात चिकित्सकों को ओपीडी छोडक़र आपातकाल में लेबर रूम जाना पड़ता है। इस कारण से ओपीडी में रूटीन चेकअप के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को चिकित्सक आने का इंतजार करना पड़ता है।

मातृ शिशु अस्पताल में होंगे अब अल्ट्रासाउंड
क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में महिलाओं को मौजूदा समय में अल्ट्रासाउंड सुविधा नहीं मिल पा रही है। लंबे समय में क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में रेजिडोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो पाई है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को प्राईवेट संस्थानों में जाकर हजारों रुपए खर्च कर अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ रहा है। मातृ शिशु अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित होने व नए स्टाफ के आने से महिलाओं को यह सुविधा नसीब होगी।

नए भवन में जल्द शिफ्ट होंगे मरीज
सीएमओ डा. मंजु बहल ने बताया कि मदर चाइल्ड केयर सेंटर में लगाने के लिए बिस्तर व फर्नीचर का सामान पहुंच चुका है। जल्द रोगियों को इस भवन में शिफ्ट कर इसे सुचारु रुप से चला दिया जाएगा।