चुनाव का बहिष्कार करेंगे परिचालक, वेतन विसंगतियां दूर न करने पर सरकार से नाराज

By: Nov 5th, 2022 12:06 am

स्टाफ रिपोर्टर — शिमला

एचआरटीसी के हजारों परिचालक विधानसभा चुनावों का बहिष्कार कर सकते हैं। वेतन विसंगतियां दूर न करने पर प्रदेश सरकार से नाराज एचआरटीसी परिचालकों से विचार-विमर्श करने को लेकर छह नवंबर को स्टेट एचआरटीसी कंडक्टर यूनियन ने राज्य स्तरीय बैठक बुलाई है। यह राज्य स्तरीय बैठक प्रांतीय प्रधान कृष्ण लाल चंद की अध्यक्षता में मां भीमाकाली मंदिर भ्यूली जिला मंडी में आयोजित की जाएगी। इस प्रदेश स्तरीय बैठक में प्रदेश भर से एचआरटीसी परिचालक भाग लेंगे। स्टेट एचआरटीसी कंडक्टर यूनियन की बैठक सुबह 11 बजे शुरू होगी, जिसमें परिचालकों के वेतन विसंगतियों पर चर्चा की जाएगी। स्टेट एचआरटीसी कंडक्टर यूनियन के महासचिव यशवंत ठाकुर ने कहा कि वेतन विसंगतियों को लेकर स्टेट एचआरटीसी कंडक्टर यूनियन के पदाधिकारी कई बार मुख्यमंत्री के पास गए, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिले। सरकार, निगम व विभाग की इस कार्यप्रणाली पर परिचालकों में भारी रोष व्याप्त है। ऐसे में चुनाव से पहले यूनियन ने एक राज्य स्तरीय बैठक मंंडी में बुलाई है। स्टेट एचआरटीसी कंडक्टर यूनियन के महासचिव यशवंत ठाकुर ने प्रदेश के समस्त पदाधिकारियों एवं सभी यूनिटों के प्रधानों और सचिवों एवं परिचालकों से आग्रह किया है कि यूनियन की इस प्रदेश स्तरीय बैठक उपस्थिति सुनिश्चित करें।

स्मार्ट मीटर पर भडक़े बोर्ड मुलाजिम

बिजली बोर्ड को छह महीने से नहीं सामान्य मीटर की सप्लाई

विशेष संवाददाता — शिमला

बिजली की आर्थिक हालत दिन-व-दिन खराब हो रही है। बिजली बोर्ड के पास नया कनेक्शन जारी करने के लिए सिंगल फेस और थ्री-फेस के मीटर नहीं हैं। बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने कहा कि प्रदेश में लगभग एक लाख नए कनेक्शन के आवेदन लंबित हैं, वहीं डेड-स्टॉप मीटर के न बदले जाने से विद्युत बोर्ड को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। लगभग छह महीने के ज्यादा अरसे से बिजली बोर्ड के स्टोर में बिजली मीटरों की सप्लाई नहीं आ रही है। दूसरी तरफ आरडीएस योजना के तहत लगभग 10 हजार रुपए का स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी की जा रही है। अगर यह स्मार्ट मीटर खराब हो जाता है, तो इसमें पडऩे वाली चिप को बदलने पड़ेगा, इसकी कीमत करीब अढ़ाई हजार रुपए है, जो बिजली बोर्ड लिमिटिड 500 रुपए का मीटर मुहैया नहीं करवा पा रहा है, उसे स्मार्ट मीटर का खर्चा उठाना पड़ेगा।