दिसंबर से समय पर दी जाए पेंशन; नई सरकार को एडवांस चेतावनी, अबकी बार नहीं चलेंगे झूठे आश्वासन

By: Nov 29th, 2022 12:06 am

एचआरटीसी पेंशनर्स की नई सरकार को एडवांस चेतावनी, अबकी बार नहीं चलेंगे झूठे आश्वासन

स्टाफ रिपोर्टर-शिमला

एचआरटीसी पेंशनरों ने नई सरकार को एडवांस में चेतावनी दी है। एचआरटीसी पेंशनर्स ने मांग उठाई है कि अगले महीने समय पर एचआरटीसी पेंशनर्स को पेंशन प्रदान की जाए और 2016 के बाद रिटायर हुए कर्मचारियों की पे फिक्सेशन भी कर दी जाए। हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच ने चेताया है कि अगर अगले महीने एचआरटीसी पेंशनर्स को समय पर वेतन नहीं मिलता है और 2016 के बाद रिटायर हुए कर्मचारियों की पे-फिक्सेशन नहीं होती हैं तो फिर नई सरकार का स्वागत एचआरटीसी पेंशनर्स नए तरीके से करेंगे। हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच के प्रदेशाध्यक्ष बलराम पुरी का कहना है कि एचआरटीसी में 2016 के उपरांत सेवानिवृत्त हुए लगभग 2500 कर्मचारियों को अभी तक नया वेतनमान नहीं मिला है। जबकि इससे पहले रिटायर हुए कर्मचारियों को सितंबर माह में नया वेतनमान मिल चुका हैं। एचआरटीसी से वर्ष 2016 के बाद सेवानिवृत्त हुए करीब 2500 पेंशनरों को नए वेतनमान के तहत बढ़ी हुई पेंशन नहीं मिली है। सैकड़ों पेंशनर पिछले चार महीनों से बढ़ी हुई पेंशन का इंतजार कर रहा है, लेकिन निगम प्रबंधन पेंशनरों को बढ़ी हुई पेंशन नहीं दे रहा है, जिससे पेंशनरों में निगम प्रबंधन के खिलाफ भारी रोष पनप रहा है। 2016 के बाद सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों का कहना है कि सरकार ने नए वेतनमान तो जारी कर दिए हैं और बढ़ी हुई पेंशन पेंशनरों को नहीं मिली है। प्रदेशाध्यक्ष बलराम पुरी ने कहा कि निगम प्रबंधन पेंशनरों को बढ़ी हुई पेंशन देने में नाकाम साबित रहा है। जीवन के अंतिम पड़ाव में जब वरिष्ठ नागरिकों को पैसों की जरूरत है तो निगम उसे पेंशनरों को उपलब्ध करवाने में गंभीरता नहीं दिखा रहा है।

एचआरटीसी प्रबंधन पर जड़े आरोप

बलराम पुरी ने आरोप लगाया है कि जब पेंशन को लेकर मुख्यालय बात की जाती है और पूछा जाता है कि उनकी बढ़ी हुई पेंशन क्यों जारी नहीं की जा रही है तो जवाब आता है कि स्टाफ की कमी से मामले अटके हुए हैं। पेंशनरों का कहना है कि 12 नवंबर को चुनाव के वोट डाले जाने थे उस दिन तक भी पेंशनरों को पेंशन नहीं मिली थी। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि निगम से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों व उनके परिवार सदस्यों की चुनावों में क्या भूमिका रही होगी।