पांवटा साहिब में बच्चों के लिए बनेगा शेल्टर होम

By: Nov 30th, 2022 12:20 am

बाल संरक्षण समिति की त्रैमासिक बैठक के दौरान उपायुक्त रामकुमार गौतम ने दी जानकारी, अधिकारियों को दिए रिपोर्ट सौंपने के निर्देश

दिव्य हिमाचल ब्यूरो-नाहन
बच्चे देश के भावी नागरिक हैं और इनका भविष्य सुधारने के लिए संबद्ध विभागों व संस्थानों को ईमानदार प्रयास करने की जरूरत है। यह बात उपायुक्त रामकुमार गौतम ने उपायुक्त कार्यालय सभागार में आयोजित जिला बाल संरक्षण समिति की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि बच्चों से जुड़े अनेक ऐसे मुद्दे हैं जो काफी संवेदनशील हैं। आरके गौतम ने कहा कि जिला के उपमंडल पांवटा साहिब में बच्चों के लिए रेडक्रॉस के माध्यम से एक शैल्टर होम बनाया जाएगा। इसके लिए उन्होंने जरूरी अधोसंरचना की रिपोर्ट सौंपने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए। आरके गौतम ने कहा कि समाज में बच्चों का नजरिया अच्छा और सकारात्मक बने इसके लिए बाल्यकाल से ही बच्चों के अधिकारों का संरक्षण जरूरी है। समय-समय पर बच्चों की काउंसलिंग करना आवश्यक है जिससे वह अपनी मौजूदा मनोस्थिति से बाहर आकर एक उपयुक्त वातावरण को महसूस कर सकें। बच्चों के हितों के लिए सभी को मिले-जुले प्रयास करने चाहिए। बच्चों से जुड़े मुद्दों का समयबद्ध ढंग से निपटारा किया जाना चाहिए। उपायुक्त ने कहा कि बच्चों के लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से अनेक योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। इनका समुचित लाभ पात्र बच्चों को मिलना ही चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में जाकर सभी लंबित मामलों की रिपोर्ट तैयार कर उन्हें सौंपने को कहा।

उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों के कल्याण में सुधार के लिए योगदान करना और साथ ही ऐसी असुरक्षित स्थितियों में कमी लाना जिसके कारण उपेक्षा, शोषण व अलगाव जन्म लेते हैं। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जिला में बाल संरक्षण इकाई कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बाल गृहों में अनाथ, बेसहारा, निराश्रित, देखरेख व संरक्षण वाले बालकों के भरण-पोषण, शिक्षा, चिकित्सा एवं पुनर्वास की व्यवस्था की जाती है। उन्होंने कहा कि जिला में कोई भी बच्चा भिक्षावृत्ति में संलिप्त नहीं पाया जाना चाहिए इसके लिए बच्चों से मिलकर उनकी व उनके अभिभावकों की काउंसलिंग करके उनके पुनर्वास की व्यवस्था की जानी चाहिए। जिला बाल संरक्षण अधिकारी संतोष कुमारी ने अवगत करवाया कि जिला के पच्छाद में संचालित बाल गृह आदर्श बाल निकेतन में वर्तमान में 26 बच्चों को सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। जिला के नागरिक अस्पताल पावंटा साहिब व ददाहू में शिशु पालन गृह स्थापित किए गए हैं। इनमें अभी तक परित्यक्त शिशु का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने अवगत करवाया कि फोस्टर केयर योजना के अंतर्गत प्रत्येक फोस्टर परिवार को हर महीने दो हजार रुपए खर्च के लिए बचत खाते में तथा 500 रुपए की अतिरिक्त सहायता बच्चे के नाम एफडी के रूप में जमा करवाई जा रही है। योजना के तहत 85 बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है। प्रायोजित योजना के तहत कोविड-19 से अनाथ हुए बच्चों को प्रतिमाह छह हजार रुपए प्रदान किए जा रहे हैं।