मां दुर्गा का पाठ सभी प्रकार के असाध्य रोगों की दवा, ब्रह्मर्षि कुमार स्वामी ने पिंजौर में दिया गुरुमंत्र

By: May 26th, 2023 12:06 am

कार्यालय संवाददाता-पंचकृूला

कृष्ण पक्ष की अष्टमी और चतुर्दशी को अपना सब कुछ मां दुर्गा को समर्पित करके फिर उसे प्रसाद रूप में ग्रहण करना चाहिए। इससे मां दुर्गा प्रसन्न होती है। वह व्यक्ति सब प्रकार के कल्याण से युक्त होकर सब प्रकार के मंगल को प्राप्त करता है। मां दुर्गा के पाठ के प्रभाव से साधक को यश कीर्तिए धन-संपदा, एश्वर्य की प्राप्ति होती है। ये उदगार ब्रह्मर्र्षि कुमार स्वामी ने श्रद्धालुओं से खचाखच भरे पिंजौर के व्हाइट कैसल रिजॉर्ट में आयोजित प्रभु कृपा दुख निवारण समागम में व्यक्त किए। समागम में हरियाणा से तो श्रद्धालु भारी संख्या में आए ही थे, आसपास के राज्यों से भी भारी संख्या में उपस्थिति दर्ज की गई। अवधान के माध्यम से महाब्रह्मर्षि कुमार स्वामी ने श्रद्धालुओं को तत्क्षण दुखों व कष्टों से राहत प्रदान की। श्रद्धालुओं ने अपने अनुभव सांझा करते हुए वहां उपस्थित डाक्टरों व बुद्धिजीवियों को आश्चर्यचकित कर दिया। महाब्रह्मर्षि ने कहा कि मां दुर्गा की कृपा से ही भगवान ब्रह्मा, विष्णु अपना कार्य निर्विघ्न रूप से कर पाते हैं। भगवान ब्रह्मा जी ने इनकी स्तुति करते हुए कहा कि हे मां तुम ही जयंती, मंगला, काली, भद्रकाली कपालिनी हो, तुम ही दुर्गा, क्षमा, शिवा, धात्री, स्वाहा तथा स्वधा होए मैं तुम्हें बारंबार प्रणाम करता हूं।

मां दुर्गा की कृपा से जब तक पृथ्वी का अस्तित्व इस ब्रह्मांड में रहेगा तब तक उसके साधक की पुत्र-पौत्र आदि संतान परंपरा बनी रहेगी और अंतत: वह मोक्ष को प्राप्त हो जाएगा। जिस पाठ से यश-कीर्ति, पद.प्रतिष्ठाए धन-धान्य व ऐश्वर्य की प्राप्ति होती हैए भगवान शिव कहते हैं कि मनुष्य उसका जाप क्यों नहीं करते। महाब्रह्मर्षि कुमार स्वामी जी ने कहा कि मां दुर्गा ही ज्ञान और विज्ञान है। मां दुर्गा समस्त जीवों का भरण पोषण करती है। मां दुर्गा साक्षात परमेश्वरी है। मां दुर्गा ही अजा और अनजा है। अश्विनी कुमारोंए इन्द्र आदि का भरण.पोषण भी मां दुर्गा ही करती है। मां दुर्गा ही भग को धारण करती है। मां दुर्गा सर्वत्र व्यापक है। देव्यार्थशीर्षम् में मां ने कहा है कि ऊपर नीचेए अगल बगल सब जगह मैं ही हूं। हम मां में हैं, मां हम में नहीं । जैसे समुद्र में मछलियां होती हैंए मछलियों में समुद्र नहीं होता। मां दुर्गा ने ही समस्त कीटाणुओं और जीवाणुओं को बनाया है। मां दुर्गा का पाठ सभी प्रकार के असाध्य रोगों की दवा है। अत: सभी मां दुर्गा का पाठ करें। भगवान श्री लक्ष्मी नारायण धाम के महासचिव सुशील वर्मा गुरुदास ने कहा कि अवधान के प्रभाव से दिल्ली, पंजाब में आयोजित समागमों में मात्र 10.15 मिनट में ही तत्क्षण दुख निवारण हो गया। इससे डॉक्टर भी हैरान हैं।