कनाडा का एजेंट था निज्जर, खालिस्तानी आतंकवादी के बेटे ने खोली पीएम जस्टिन ट्रूडो की पोल

By: Sep 29th, 2023 12:07 am

एजेंसियां — क्यूबेक

खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर कनाडाई खुफिया एजेंसी के अधिकारियों के लगातार संपर्क में था। वह अकसर उन अधिकारियों से मुलाकात भी करता था। यह खुलासा निज्जर के बेटे बलराज सिंह निज्जर ने खुद किया है। बलराज ने बताया कि जून में मारे जाने से एक या दो दिन पहले भी निज्जर ने कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा (सीएसआईएस) अधिकारियों से बातचीत भी की थी। हालांकि, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इस बात को दुनिया से अब तक छिपाकर रखा है। उन्होंने कनाडाई संसद में दावा किया था कि निज्जर की हत्या के पीछे भारत सरकार के एजेंटों का हाथ था, लेकिन उन्होंने अभी तक कोई सबूत साझा नहीं किया है। ट्रूडो से इस आरोप के बाद भारत-कनाडा संबंध निचले स्तर तक पहुंच चुके हैं।

दोनों देश एक दूसरे के शीर्ष राजनयिकों को निष्कासित भी कर चुके हैं। हरदीप सिंह निज्जर के बेटे बलराज सिंह निज्जर ने कहा कि उनके पिता कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा (सीएसआईएस) अधिकारियों से सप्ताह में एक या दो बार मिलते थे और उनकी मृत्यु के दो दिन बाद भी एक बैठक निर्धारित की गई थी। बलराज ने कहा कि निज्जर ने फरवरी में सीएसआईएस अधिकारियों से मिलना शुरू किया और अगले तीन या चार महीनों में यह लगातार होता गया। निज्जर के बेटे ने यह भी बताया कि उनके पिता पिछले साल रॉयल कैनेडियन माउंटर पुलिस से भी मिले थे।

हत्या के पीछे पाक का हाथ, आएसआई ने रची साजिश

नई दिल्ली। खालिस्तानी आतंकी निज्जर की हत्या के मामले भारत-कनाडा के बीच तनाव बरकरार है। दोनों देशों के रिश्तों में तनातनी के बीच नई खबर सामने आई है कि भारत की छवि खराब करने के लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने निज्जर की हत्या की साजिश रची थी। कनाडा की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईएसआई के दो एजेंट राहत राव और तारिक कियानी ने यह हत्या करवाई। ड्रग्स का पूरा कारोबार राव और कियानी के कब्जे में आ जाए, इसलिए भी निज्जर की हत्या की गई। इसके पीछे का कारण यह सामने आया है कि निज्जर समय के साथ शक्तिशाली होता जा रहा था। वह स्थानीय कनाडाई समुदाय में लोकप्रियता हासिल कर रहा था। रिपोट्र्स के मुताबिक राव, कियानी और सिख फॉर जस्टिस के आंतकी गुरपंतवत सिंह पन्नू की तिकड़ी है। ये ड्रग्स व हथियारों के कारोबार पर पूरी तरह से कब्जा करना चाहते थे।


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