कोहरे से पौधों को खतरा, ऊना में जिला बागबानों से विभाग की अपील, खड़पोश-बोरी से ढके दें बूटे

By: Dec 12th, 2023 12:19 am

स्टाफ रिपोर्टर-ऊना
पंजाब से सट्टा होने के चलते जिला ऊना में सर्दियों के मौसम में कोहरे का प्रभाव बहुत अधिक होता है। कोहरा जहां हर जीव-जंतु के लिए खतरनाक होता है तो वहीं, पेड़-पौधों के लिए भी विनाशकारी माना जाता है और मैदानी क्षेत्रों में कोहरे का प्रभाव ज्यादा होता है। इसी के चलते बागबानी विभाग ने जिला ऊना के किसानों को अपने पेड़-पौधों को सुरक्षित रखने के लिए सख्त कदम उठाने की अपील की है। विभाग ने बागबानी किसानों को सचेत किया है कि बागबान अपने बागीचों में विभिन्न प्रकार के फलों के पौधों को सुरक्षित रखने के लिए खड़पोश, बोरी व अन्य प्रकार से ढक दें।

ऊना में कोहरे का प्रभाव सर्दियों के मौसम में 15 दिसंबर से शुरू हो जाता है और जनवरी माह के अंत तक रहता है। सबसे ज्यादा कोहरे के कारण फलदार पौधों में आम, पपीता के पौधे प्रभावित होते हैं। फलदार पौधों में वृद्धि भी कम हो जाती है और आने वाले सीजन में फूल भी कम आते हैं। इससे पौधों से होने वाली पैदावार भी घट जाती है। ऊना में 6500 हेक्टेयर भूमि में बागबानी की जाती है और सबसे ज्यादा उपमंडल बंगाणाा में किसान बागबानी करते हैं। पतझड़ फलदार पौधे जैसे कि नाशपती, आडू, अलूचा, अंगूर आदि सर्दी ऋतु में स्थिल अवस्था में होने के कारण कोहरे के प्रकोप से बच जाते हैं। परंतु सदाबहार पौधे जैसे कि आम, लीची, पपीता, अमरुद, केला, अमल और सिट्रस के फल इसके प्रभाव में ज्यादा आते हैं।

फलदार पौधों को बचाने के सरल उपाय
कोहरे से पौधे को बचाने के लिए सर्दी ऋतु में बाग की सिंचाई करने से बाग का तापमान 1-2 डिग्री सेंटीग्रेड तक बढ़ाया जा सकता है।
पौधों को कोहरे से बचाने के लिए फलदार पौधे लगाने से पहले हवा की रोकथाम के लिए बाड़ लगाएं। यह बाड़ उत्तर-पश्चिम दिशा में लगानी चाहिए। पथवारा बांधने के लिए पराली, सरकंडे, गन्ने के अवशिष्ट का प्रयोग किया जाता है। पथवारा कम खर्च वाला आसान तरीका है। जिससे पौधों को कोहरे से बचाया जा सकता है। फलदार पौधों की कटाई करके थोड़ा नीचे रखें। छोटे कद वाले वृक्ष कोहरे से बढिय़ा तरीके से निपट सकते हैं। इस तरीके में सूखे अवशिष्ट, घास, सूखे पत्तों के ढेर तैयार किए जाते हैं और सर्दी के मौसम में इन ढेरों का प्रयोग किया जा सकता है। ढेरों को आग लगाकर धीरे-धीरे धुआं पैदा किया जाता है।

कोहरे से नहीं, लापरवाही से सूखते पौधे

बागबानी विभाग के जिला उपनिदेशक डा. केके भारद्वाज ने कहा कि सर्दियों में पडऩे वाले कोहरे के कारण नहीं बल्कि बागबानी किसानों की लापरवाही के कारण पौधे सूखते हैं। अगर किसान कोहरे से फलदाप पौधों को बचने के लिए प्रयास करते हैं तो पौधे सुरक्षित बच सकते हैं। कई बार भयंकर कोहरे के कारण बड़े पेड़ भी सूख जाते हैं, लेकिन अगर समय रहते फरवरी माह में भी बड़े पेड़ों की भी नियमानुसार छंटाई कर दी जाएं तो बड़े पेड़ों को भी सूखने का बचाया जा सकता है। ज्यादा जानकारी के लिए किसान खंड बागबानी अधिकारी से मिल सकते हैं।


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