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Himachal News : जर्जर हुई हवेलियों से गिर रहे पत्थर, जाने कब किसकी जान ले लें ये मौत के खंडहर

By: Feb 22nd, 2024 12:08 am

जसवां परागपुर के थपल गांव में अनदेखी का शिकार धरोहरें धीरे-धीरे तोड़ रही दम, मलबा गिरने से हादसे का डर

स्टाफ रिपोर्टर-गरली

हिमाचल प्रदेश एक पहाड़ी राज्य है, जहां ऐसे कई स्थान है जो अपनी खूबसूरती से आम जनमानस को आकर्षित करते हैं। जिला कांगड़ा स्थित जसवां परागपुर का गांव थपल (पीरसलूही) भी ऐसा ही एक स्थान है, जहां की खूबसूरत हवेलियां किसी को भी आकर्षित करने में सक्षम थी, पर अफसोस इसके समृद्ध इतिहास को सहेजने में कभी ईमानदार प्रयास नहीं हुए। ब्रिटिश काल में विकसित हुआ ये गांव समृद्ध इतिहास और संस्कृति का अक्स हैं। यहां के भवनों की अद्धभुत नक्काशी, यहां की गलियां मानों एक अलग दुनिया में ले जाती हैं। सरकार, प्रशासन और पुरात्त्व विभाग की अनदेखी के चलते जसवां परागपुर के गांव थपल (पीरसलूही) में रजबाडों के समय बनाई गई खूबसूरत हवेलियां अब डरावनी लगने लगी हैं। यह खंडहर हवेलियां हर दिन गिर रही हैं, जिससे आसपास गुजरने में भी डर लग रहा है। लोगों के अनुसार अगर समय रहते इन पर ध्यान दिया होता, तो आज यह नौबत नहीं आती।

अब तो हवेलियों की इनकी कई डरावनी कहानियां भी चर्चित होने लगी हैं। थपल गांव में एक दर्जन के करीब पुरानी हवेलियां जर्जर हो चुकी है, जो कभी भी गिर सकती है। प्रशासन इन सब ने वाकिफ होते हुए भी इस मामले में किसी तरह की गंभीरता नहीं दिखा रहा है। पुरानी हवेलियों की नींव से पत्थर निकल आए हैं और दीवारों व छत से चूना गिर रहा है। एक समय था, जब यह हवेलियां कस्बे का सौंदर्य बढ़ाती थी और आकर्षण का केंद्र होती थी, लेकिन रखरखाव के अभाव में यह हवेलियां जर्जर होती गई। थपल गांव के आसपास सैकड़ों की आबादी बसी हुई है। पास से रास्ता भी गुजर रहा है। यहां आबादी के बीच तीन-चार हवेलियां ऐसी हैं, जो सालों पुरानी है। सभी हवेलियों के दो मंजिला भवन है।

हवेलियों को गिराए या रपेयर करवाएं

पीरसलूही के पचायत प्रंधान संजीव कुमार, पूर्व प्रधान व बीडीसी रही निर्मला शर्मा, सोनू सूद, मीना शर्मा, रमेश शर्मा, रजना सूद, देश राज व बिधा देवी ने आदि स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन, जिलाधीश कांगडंा और प्रदेश सरकार से मांग की है कि उपरोक्त तमाम खंडहर बन रही हवेलियों को गिरा दिया जाए, या इनकी रिपेयर की जाए।

भवनों का धीरे-धीरे गिर रहा मलबा

स्थानीय पंचायत प्रधान संजीव कुमार ने बताया कि थपल गांव की पुरानी हवेलियों का मलबा धीरे-धीरे गिर रहा है। अगर सरकार या प्रशासन ने जल्द इस तरफ ध्यान नहीं दिया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। खंडहर बन रही हवेलियों में जहरीले जीव और बंदरों ने डेरा जमा लिसा है। बारिश के मौसम में लोगों का डर और बढ़ जाता है।

मालिकों का पता लगा रहा प्रशासन

एसडीएम देहरा शिल्पी बेक्टा ने कहा कि शिकायत मिली है और हम देख रहे है कि उपरोक्त हवेलियों के मालिक कौन है। उनके नाम की डिटेल मिलते ही उन्हें इस बारे में नोटिस जारी किया जाएगा ताकी समय रहते उपरोक्त पुरानी हवेलियों से पेश आ रही समस्याओं से लोगों को छुटकारा मिल सके।


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