अपनी शर्तों पर चलाएंगे बल्क ड्रग पार्क; CM बोले, हिमाचल का हित पहले देखना सरकार की जिम्मेदारी

By: Feb 22nd, 2024 12:08 am

मुख्यमंत्री सुक्खू बोले, हिमाचल का हित पहले देखना सरकार की जिम्मेदारी

राज्य ब्यूरो प्रमुख — शिमला

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू विधानसभा में साफ किया है कि बल्क ड्रग पार्क हरोली को हिमाचल सरकार अपनी शर्तों पर चलाएगी। इस पार्क को बंद करने की कोई मंशा नहीं है, न ही मेडिकल डिवाइस पार्क नालागढ़ के लिए ऐसा इरादा है। वह प्रश्नकाल के दौरान भाजपा नेताओं बिक्रम सिंह ठाकुर और जयराम ठाकुर द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में हस्तक्षेप कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बल्क ड्रग पार्क के लिए पूर्व भाजपा सरकार के समय रातों-रात बिडिंग की गई। हरोली में 1400 एकड़ जमीन फ्री में दे दी गई। पानी और बिजली भी राज्य सरकार ने देनी है। बिजली का रेट तीन रुपए रखा गया है, जबकि अपने इस्तेमाल के लिए हम अक्तूबर से मार्च के बीच में सात रुपए प्रति यूनिट बिजली खरीद रहे हैं। जीएसटी में भी 10 साल के लिए छूट दे दी गई है। ऐसे में प्रदेश आत्मनिर्भर कैसे बनेगा। हिमाचल के हित देखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। बल्क ड्रग पार्क के पहले चरण के काम को जल्दी पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी तरह मेडिकल डिवाइस पार्क नालागढ़ में 4000 एकड़ जमीन कौडिय़ों के भाव दी गई और भारत सरकार यहां सिर्फ 100 करोड़ रुपए लगा रही है, जबकि हम जमीन को समतल करने पर ही 100 करोड़ लगा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इन दोनों परियोजनाओं के मामले में पूर्व भाजपा सरकार ने हिमाचल के हित बेचे हैं। प्रश्नकाल के दौरान पूर्व उद्योग मंत्री और भाजपा विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर ने बल्क ड्रग पार्क की धीमी गति को लेकर सवाल पूछा था। जवाब में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन सिंह चौहान ने कहा कि बहुत सारी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। वन मंजूरी भी मिल गई है। भारत सरकार इस प्रोजेक्ट में 1923 करोड़ की डीपीआर में से 1000 करोड़ दे रही है। 923 करोड़ हिमाचल को लगाने हैं। इसके लिए हायर की गई कंपनी ने तीन विकल्प बताए हैं। या तो यह पैसा राज्य सरकार दे दे, जो संभव नहीं दिख रहा। या फिर 49 फीसदी इक्विटी प्राइवेट सेक्टर को आफर कर इसे चलाया जाए। तीसरा विकल्प पीपीपी मोड में टेंडर फ्लोट करके प्राइवेट पार्टनर लेने का है। जल्दी ही कैबिनेट में यह फैसला ले लिया जाएगा। उद्योग मंत्री ने कहा कि इस प्रोजेक्ट में अब तक पारदर्शिता के साथ काम हुआ है।

ग्लोबल टेंडर किए गए हैं और भारत सरकार द्वारा तय की गई गाइडलाइन के अनुसार काम हुआ है। उन्होंने विधानसभा में ही मुख्यमंत्री से भी आग्रह किया कि इस पार्क को लेकर जल्दी फैसला लिया जाए अन्यथा गुजरात और आंध्र प्रदेश, जिन्हें हिमाचल के साथ ऐसा पार्क मिला है, वे आगे निकल जाएंगे। बल्क ड्रग्स के लिए उद्योगों को कच्चा माल बाहर से लाना है और हिमाचल तक इसे पहुंचने में वैसे भी दिक्कत है। यदि 100 ट्रक इस पार्क में आएंगे, तो 50 टन सॉलिड वेस्ट निकलेगा, जिसे निपटाना भी चुनौती है।

सदन में नारेबाजी के बाद विपक्ष का वाकआउट

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा विधानसभा में हिमाचल के हित बेचे जाने के आरोप लगाए जाने से विपक्ष उखड़ गया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कोरोना के दौरान बल्क ड्रग पार्क को लेकर कितना काम अधिकारियों ने किया है, उससे यह सरकार वाकिफ नहीं है। प्रदेश हित के इस प्रोजेक्ट को रोकना दुर्भाग्यपूर्ण है। भारत सरकार ने पहली किस्त दे दी है, जबकि राज्य सरकार आनाकानी कर रही है। नए रोजगार को रोका जा रहा है। सरकार को इसे समयबद्ध तरीके से पूरा करना चाहिए। थोड़ी देर सदन में नारेबाजी करने के बाद भाजपा विधायक वाकआउट कर गए।


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