चाइल्ड केयर लीव को बड़े विभागों से मांगा फीडबैक

By: May 15th, 2024 9:48 pm

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अहम विभागों के साथ बैठक, अब 24 मई को दोबारा बुलाई मीटिंग में होगा फैसला

राज्य ब्यूरो प्रमुख — शिमला

हिमाचल सरकार में महिला कर्मचारियों को दो साल की चाइल्ड केयर लीव देने को लेकर बुधवार को मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें कार्मिक विभाग के अलावा स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे बड़े विभागों से अधिकारी भी शामिल थे। बैठक में मुख्य सचिव ने चाइल्ड केयर लीव को लेकर सुप्रीम कोर्ट से आए आदेशों को लागू करने से पहले तीन तरह के निर्देश दिए हैं। कार्मिक विभाग को कहा गया है कि यदि यह अवकाश हिमाचल में लागू किया जाता है, तो सभी प्रमुख विभागों से पहले इंपैक्ट को लेकर फीडबैक लिया जाए। इसमें स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे विभाग अहम हैं, जिनमें ज्यादा महिला कर्मचारी होती हैं। इस बैठक में यह भी कहा गया कि पड़ोसी राज्यों में जहां यह सुविधा कर्मचारियों को दी गई है, उनके अनुभवों को लेकर एक रिपोर्ट बनाई जाए। दो साल की चाइल्ड केयर लीव पर जाने वाली महिला कर्मचारी की जगह उस पोस्ट को उस अवधि में कैसे मैनेज किया जाता है और इससे संबंधित कार्यालय या विभाग पर क्या असर पड़ता है।

मुख्य सचिव ने भारत सरकार से भी कुछ बिंदुओं पर क्लेरिटी लेने के लिए कार्मिक विभाग को कहा है। इसके साथ ही अब अगली बैठक 24 मई, 2024 को बुलाई गई है। इसमें चाइल्ड केयर लीव देने या न देने को लेकर फैसला होने की संभावना है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी ही इस बारे में निर्णय लेगी। चुनाव आचार संहिता खत्म होते ही राज्य सरकार या मंत्रिमंडल से भी इस बारे में चर्चा की जाएगी। यह मामला हिमाचल हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट गया था। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले को पलटते हुए राज्य की महिला कर्मचारियों को दो साल की चाइल्ड केयर लीव सुविधा उपलब्ध करवाने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस बारे में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाने के आदेश दिए थे, जिसमें स्टेट कमिश्नर डिसेबिलिटी एक्ट, सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग और सचिव सोशल वेलफेयर विभाग को मेंबर लगाया गया है।

पांच अगस्त से पहले सुप्रीम कोर्ट में देना होगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने 31 जुलाई तक इस कमेटी को रिपोर्ट कोर्ट को भी देने को कहा है। मामले की सुनवाई अब पांच अगस्त, 2024 को होगी। इससे पहले राज्य सरकार को अंतिम निर्णय लेना होगा। यह फैसला शालिनी धर्माणी बनाम स्टेट ऑफ हिमाचल प्रदेश केस में आया है। दरअसल, भारत सरकार सेंट्रल सिविल सर्विस लीव रूल्स 1972 के रूल 43.सी के तहत महिला कर्मचारियों को दो साल की चाइल्ड केयर लीव देती है। 730 दिन की इस छुट्टी के दौरान पूरी सैलरी मिलती रहती है। इस छुट्टी को एक से ज्यादा समय भी लिया जा सकता है, लेकिन हिमाचल सरकार में वित्त विभाग ने रूल 43 सी को अडॉप्ट नहीं किया है।


Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also,  Download our Android App