विशेष

Himachal Election 2024: जब NOTA ने पटक दिए उम्मीदवार

By: May 28th, 2024 5:54 pm

दिव्य हिमाचल डेस्क

नोटा यह शब्द आपने सुना ही होगा.. इसका पूरा अर्थ हैं NONE OF THE ABOVE.चुनावी वेला में नोटा का भी खूब शोर रहता है.,. दरअसल यह मतदाताओं को दिया गया एक अधिकार है कि अगर चुनावों में आपकों कोई भी प्रत्याशी पसंद नहीं आता है, तो आप लोकतंत्र के महापर्व में हिस्सा लेकर नोटा क बटन दबाकर यह जता सकते हैं। नोटा का विकल्प सियासी दलों को प्रत्याशी के चयन में जवाबदेह बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। अगर राजनीतिक दल लगातार गलत प्रत्याशियों को मैदान में उतारते हैं, तो नोटा का बटन दबाकर मतदाता अपना विरोध दर्ज करा सकते हैं। आपको बता दें कि भारत नोटा का विकल्प अपने मतदाताओं को उपलब्ध कराने वाला दुनिया का 14वां देश था।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद देश में नोटा का विकल्प मतदाताओं को मिला था नोटा के विकल्प ने मतदाताओं को और ताकतवर बनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने साल 2004 की एक याचिका पर 27 सिंतबर, 2013 को नोटा का विकल्प उपलब्ध कराने का आदेश दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि वोट देने के अधिकार में वोट न देने का अधिकार यानी अस्वीकार करने का अधिका भी शामिल है। इसके बाद साल 2019 देश में लोकसभा चुनाव में नोटा का वोट शेयर 1.06% था.

चुनाव आयोग के मुताबिक नोटा के मतों को गिना जाता है, मगर इन्हें रद्द मतों की श्रेणी में रखा जाता है। अगर नोटा को 100 फीसदी मत मिलते हैं तो उस निर्वाचन क्षेत्र में दोबारा चुनाव कराया जाएगा। अगर कोई प्रत्याशी एक भी वोट पाता है और बाकी मत नोटा को मिलते हैं तो वह प्रत्याशी विजेता माना जाएगा। नोटा के मतों को रद्द श्रेणी में रखा जाएगा। NOTA का यह अधिकार भले ही अब तक दोबारा चुनाव करवाने में सफल न रहा हो, हालांकि ये भी साफ है कि नोटा को अगर सबसे ज्यादा वोट भी मिल जाए, तो भी नोटा चुनाव नहीं जीत सकता। नोटा के बाद ही दूसरे स्थान पर रहे प्रत्याशी को ही विजयी घोषित किया जाता है. ..लेकिन इसने कई राजनीतिक दलों का चुनावी खेल बिगाड़ने का जरूर काम किया है।

बात हिमाचल प्रदेश की करें तो पहाड़ की सियासत में भले ही दो मुख्य दल चुनावी रण में अहम भूमिका में होते हों, मगर यहां पर भी नोटा का जमकर इस्तेमाल होता है। बात साल 2019 में हुए लोकसभा चुनाव की करें तो उस वक्त भी लगभग 33 हजार के करीब लोगों ने नोटा का बटन हिमचाल में दबाया था।

कांगड़ा चंबा संसदीय क्षेत्र में नोटा का सबसे ज्यादा इस्तेमाल हुआ था। यहां 11 हजार 327 वोटरों ने कांगड़ा में नोटा का बटन दबाया था। 2019 में इस सीट पर 11 उम्मीदवार थे। विजेता उपविजेता के बाद नोटा 11327 मत हासिल कर तीसरे नंबर पर था, बाकी नौ प्रत्याशियों को इससे कम मत मिल पाए। शिमला संसदीय क्षेत्र में 8 हजार 357 वोट नोटा में गए थे.. 2019 में 6 उम्मीदवार थे, जिनमे से चार उम्मीदवारों को नोटा से भी कम वोट मिले थे, वहीं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में 8 हजार 26 मतदाताओं ने नोटा का इस्तेमाल किया था.. 2019 में यहां 11 उम्मीदवार थे। नोटा 8026 वोट के साथ यहां भी तीसरे नंबर पर रहा।

इससे भी ज्यादा तो आंकड़ों ने तब चौंका दिया जब साल 2021 में मंडी संसदीय क्षेत्र में उपचुनाव हुआ। यहां कांग्रेस की प्रतिभा सिंह के जीत के मार्जिन से ज्यादा नोटा का इस्तेमाल किया गया था। प्रतिभा सिंह को 3 लाख 69 हजार 565 वोट मिले, जबकि भाजपा के ब्रिगेडियर खुशाल सिंह (रिटायर्ड) को 3 लाख 62 हजार 75 वोट हासिल हुए. इस तरह प्रतिभा सिंह के जीत का मार्जिन 7 हजार 490 रहा, जबकि इस सीट पर 12 हजार 661 मतदाताओं ने नोटा का इस्तेमाल किया। उस वक्त यहां ये भी माना गया कि अगर BJP  क्योंकि उस वक्त सत्ता में थी और 2019 का लोकसभा चुनाव भी BJP ही जीती थी अगर वो नाराज मतदाताओ को मनाने में कामयाब हो जाती तो नोटा में गए वोट बीजेपी को मिल सकते थे. जिससे इस सीट पर बीजेपी का खेल नहीं बिगड़ता, मगर मतदाता की नाराजगी बीजेपी पर भारी पड़ गई, वहीं साल 2022 के हिमाचल के विधानसभा चुनाव में नोटा का बटन दबाने वाले मतदाताओं का आंकड़ा 30 हजार के करीब रहा था.. यानि की विधानसभा में भी दोनों प्रमुख राजनीतिक दल जनता को रिझा पाने में कामयाब नहीं हुए थे।

बात अगर वर्तमान स्थिती की करें तो अभी. हिमाचल की 4 सीटों पर लोकसभा चुनाव हैं, जिनमें से ज्यादतर सीटों पर दोनों प्रमुख दलों ने नए चेहरों पर दाव खेला है। विधानसभा की 6 सीटों पर भी लगभग नए प्रत्याशी मैदान में हैं, मगर देखना दिलचस्प होगा कि क्या जनता इन नए चेहरों को अपना पाती है, क्या राजनीतिक दलों का विजन जनता के रास आता है या फिर हर चुनाव में बढ़ रहा नोटा का आंकड़ा इस बार भी ये सोचने पर मजबूर कर देगा कि आखिर जनता की पसंद को राजनीतिक दल क्यों समझ नहीं पा रहे हैं।


Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also,  Download our Android App